*नव कल्प*
आज के दिन
मुझे तुलना न करने की कला सीखनी है
तुलना सुख और दुख
दोनो का कारण बनती है
तुलना अधिकांशतः व्यर्थ है
दो लोग, दो परिस्थितियां
अपने आप मे विशिष्ट होते हैं
मुझे हर व्यक्ति, हर स्थिति को
उसकी इसी विशिष्टता के साथ देखना है
मुझे निर्णायक (जजमेन्टल) होने से बचना है
मुझे किसी और से नहीं
बल्कि खुद से अपनी तुलना करनी है
और जीवन मे आये परिवर्तनों को
स्वीकार करना है क्योंकि
यही जीवन यात्रा है
न कोई मुझसे आगे है,
न कोई मुझसे पीछे है,
न कोई मुझसे श्रेष्ठ है न हेय है
सभी अपनी जीवन यात्रा चल रहे हैं
सभी अपने टाइम फ्रेम में जी रहे हैं
मुझे तुलना से ऊपर उठकर
पूर्णता की ओर जाना है !
@मन्यु आत्रेय
Superb and perfect 💐💐💐👌👌
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