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Tuesday, 15 December 2020

सहयोग और सहायता के रहस्य जानो

नव कल्प

आज के दिन 
मुझे सहयोग और सहायता के रहस्य समझने हैं 
दुनिया के सबसे सक्षम आदमी को भी 
किसी न किसी का सहयोग और सहायता
लेनी ही पड़ती है, 
जन्म से लेकर मृत्यु के बाद होने वाले 
शांति कर्म तक हम दूसरों पर निर्भर रहते हैं
एक दूसरे पर यह निर्भरता ही हमें 
एक समाज का हिस्सा बनाती है
मुझसे जब भी संभव होगा 
मैं किसी न किसी को सहयोग करूंगा 
किसी न किसी की सहायता करूंगा
लेकिन मुझे किसी लकड़हारे को 
अपनी शाख नहीं देनी, जिसे अपनी कुल्हाड़ी में लगा कर वो मेरी जड़ काट दे, 
मुझे किसी ऐसे को दलदल से नहीं निकालना जो मुझे डूबा कर बचना चाहे
मुझे किसी अवसरवादी,बेईमान,धोखेबाज, कपटी और आस्तीन के सांप को 
न तो सहयोग करना है न सहायता करनी है
मेरे संसाधन सीमित हैं, 
इन्हें घटिया लोगों पर बर्बाद नहीं करना है 
मुझे परजीवी लोगों को पोसना नहीं है 
किसी जोंक को अपना लहू नहीं पिलाना
मुझे संत महात्मा नहीं बनना, 
मुझे एक होश हवास वाला 
जागरूक इंसान बनना है जिसका कोई भी 
अनुचित फायदा न उठा सके
मैं हमेशा पात्र लोगों की मदद कर सकूं 
ताकि यह समाज सहयोग सहायता से चले 
न कि स्वार्थ प्रेरित होकर। 

@मन्यु आत्रेय

3 comments:

  1. महत्त्वपूर्ण विचार...बहुत सही aur सुंदर लिखा है सर 👌👌🙌💐💐

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    Replies
    1. कैसे पता चलेगा कि कोई पात्र है अथवा नहीं,

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    2. तीन प्रकार के लोग आपको मिलते हैं योग्य, अयोग्य और धूर्त। जब आप सामने वाले के शब्दों और उसकी देहभाषा को आपस में जोड़ के देखेंगे, जब सामने वाले द्वारा कहीं गयी बातों की पुष्टि करेंगे तो आप समझ जाएंगे कि यह सहायता करने योग्य है या नहीं।

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