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Saturday, 12 December 2020

मैं जो हूँ वो हूँ


आज के दिन 
मुझे यह समझना है 
कि मैं जो हूँ वो हूँ, 
लोग जैसे हैं वो मुझे वैसे ही लेंगे
मैं किसी को पसंद किसी को नापसंद हूँ 
किसी पर खुला हूँ किसी पर बंद हूँ 
किसी के अनुकूल किसी के प्रतिकूल हूँ 
किसी के लिए सहयोगी, 
किसी के लिए प्रतिरोधी हूँ 
कोई मुझमे प्रेम महसूस करता होगा 
कोई मुझमे नफरत को देखता होगा
कोई मेरे प्रति तटस्थ होगा 
किसी के लिए सजग किसी के लिये उपेक्षापूर्ण
किसी के लिए उपलब्ध, किसी के लिए नदारद
किसी के लिए मित्र किसी के लिए शत्रु
किसी के लिए अच्छा किसी के लिए बुरा
कोई मुझे सही समझेगा 
कोई गलतफहमी पालेगा
हर परिस्थिति में मुझे वही रहना है जो मैं हूँ, 
क्योंकि दुनिया के हज़ारों लोग मुझसे जुड़े हैं 
हर एक के खांचे में फिट बैठना
हर एक के लिए अच्छा, अनुकूल होना 
मेरे लिए संभव नहीं है, 
और दूसरी बात 
ऐसा बनके मैं उसे दबा दूंगा मिटा दूंगा 
जो मैं असल मे हूँ, 
मुझे आत्म दमन से, आत्म वंचना से बचना है
मुझे उसकी परवाह होनी चाहिए जो मैं हूँ
उसकी नहीं कि लोग मुझे कैसे देखते हैं
मैं जो हूँ वो हूँ और खालिस हूँ!!

@मन्यु आत्रेय

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