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Tuesday, 29 December 2020

मेरे बिना किसी का काम नहीं अटकेगा।


नव कल्प

आज मुझे यह बात 
अच्छे से गांठ बांध लेनी है
कि मेरे बिना किसी का काम नहीं अटकने वाला, 
इस संसार में किसी के लिए भी 
मैं अपरिहार्य नहीं हूँ
लोग किसी न किसी तरह से मेरे बिना भी 
अपने सारे काम पूरे कर लेंगे,
अपनी सारी ज़रूरतों को पूरा करने का 
कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेंगे,
न भी निकाल पाए तो 
या तो समझौता कर लेंगे 
या खुद को समझा लेंगे
दुनिया के अधिकांश लोगों के लिए 
मैं सिर्फ एक विकल्प हूँ, 
मैं नहीं तो और सही, और नहीं तो और सही
बहुत थोड़े से लोग ऐसे होंगे 
जिनकी ज़िन्दगी पर 
मेरे रहने-नहीं रहने का फर्क पड़ेगा, 
जिनकी ज़िन्दगी की दिशा बदल जाएगी,
मुझे सिर्फ उन लोगों को ही पहचानना है
उन्हीं के लिए अपनी उपलब्धता रखनी है 
उन्हीं पर समय, श्रम और संसाधन लगाने हैं
जिनकी ज़िन्दगी में मेरा होना न होना 
कोई ज़्यादा फर्क नहीं डालता,
वो मेरी प्राथमिकता में नहीं रहेंगे
अब सभी की अपेक्षा पूरी करने में 
अपनी बेशकीमती ज़िन्दगी बर्बाद नहीं करनी
खुद को समेटना है। 

@मन्यु आत्रेय

7 comments:

  1. Satya💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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  2. मुजे लगा जैसे ये मैं ही कहना चाहता था आपने कहा।

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  3. 🙏🌹🌷🌺🌷🌹🙏, श्री मान जी शुभ प्रभात, बिलकुल सही कहा है परिवर्तन प्रकृतिक का नियम है अपनी-अपनी जरूरत के अनुसार लोग, रिश्तेदारी, सहानुभूति, भाईचारा बनाते हैं , लेकिन कुछ पवित्र रिस्तों को लोग भुला नहीं पाते हैं और अपनापन बना रहता है इन्ही अच्छे संबंध और प्रेम की भावना के कारण ही प्राकृतिक सुचारू रूप से संचालित होता है।

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