नव कल्प
आज यह समझ लेने का दिन है
कि मैं चाहूं या न चाहूं,
मेरी कोई भूमिका हो या नहीं हो,
लोग मुझे अपनी राह की बाधा, एक चुनौती
एक प्रतिद्वंद्वी मान ही लेंगे,
यह लोगों की फितरत है,
और मुझे पता भी नहीं चलेगा कि ऊपर से
मेरा हितैषी और दोस्त बनने वाला इंसान भी
अंदर से मुझे अपने रास्ते का कांटा समझता होगा
मेरा दोष हो या न हो,
मैंने कुछ किया हो या न किया हो
मेरा व्यक्तित्व, मेरा व्यवहार, मेरे गुण अवगुण, मेरी उपलब्धियाँ,
लोगों को मुझसे ईर्ष्या रखने, द्वेष पालने के लिए
प्रेरित करते हैं, मजबूर करते हैं
मेरी स्थिति, मेरे विचार, मेरे काम का तरीक़ा
दूसरों से मेरे संबंध,कुछ लोगों को
मेरे ख़िलाफ़ कर देते हैं
मेरा हुनर, मेरी विशेषज्ञता, मेरी अच्छाइयां,
मेरी सज्जनता, मेरी दबंगई
किसी न किसी को खटकती रहती है,
किसी के अहम को चोटिल करती है
मेरी हर बात किसी न किसी को मेरे विरुद्ध कर सकती है,
और मैं उन लोगों में से अधिकांश को पहचान नही सकता
क्योंकि वे छुपे हुए होते हैं और छुपे तौर पर ही
मुझे गलत दिशा में ले जाते हैं, नुक़सान पहुंचाते हैं
मेरी ताक़त छीन लेना चाहते हैं
जो मेरे आगे निस्तेज हो जाता है
वो मेरी रोशनी कम करना चाहता है
हंसने बोलने वाला हर शख़्स मेरा हितैषी नहीं होगा,
यह प्रतिस्पर्धा की वह निर्मम दुनिया है जिसमें
क़दम क़दम पर गुप्त शत्रु मिलते हैं
मेरे हितैषी मेरी रक्षा के लिए उतनी जल्दी लामबन्द नहीं हो पाएंगे
जितनी जल्दी मेरे गुप्त शत्रु मेरे खिलाफ आपसी समझौता कर पाएंगे
इसलिए अगर ज़िन्दगी में सुरक्षित रहना है
अपना हक हासिल करना है
अपने लक्ष्य पूरे करने है तो
अपना हर क़दम फूंक फूंक कर रखना होगा,
और मुक़ाबले के लिए तैयार रहना होगा
यही कड़वी सच्चाई है जिसे आज भूलना नहीं है !
@मन्यु आत्रेय
Wah .. picture ekdam perfect sir👍👌
ReplyDeleteएकदम खरं सर 👍👍💐💐💐फार सुरेख लिहिलं आहे तुम्ही🙏🏻
ReplyDeleteमुक़ाबले के लिए तैयार रहना होगा 👌👌💐💐
ReplyDeleteकर हर मैदान फतह ❤️
ReplyDelete🙏🌻🌷🌻🙏श्री मान जी शुभ प्रभात, आपके विचार से सहमत हैं,काबिल बनो कामयाबी मिलेगा ही। प्राकृतिक का नियम है जिसमें जितना गुण होता है वह उस स्थान पर पहुंच ही जायेगा बातें उनकी होती है जिनमें कुछ खास बातें होती हैं रतन टाटा को हर कोई जानता है कोदु समारु को कोई नहीं जानता, न ही जानना चाहते हैं
ReplyDeleteVery nice sir👍👍👌🙏💐💐
ReplyDeleteBilkul sahi
ReplyDelete👌👌👌👌🙏🙏🚩🚩
ReplyDeletevery alertive msg
ReplyDelete