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Wednesday, 20 January 2021

ज़ोखिम उठाने की कला सीखिए !!


नव कल्प
आज के दिन मुझे 
ज़ोखिम उठाने की कला सीखनी है
क्योंकि बिना ज़ोखिम उठाये ज़िन्दगी में कुछ बड़ा करना संभव नहीं है
ज़ोखिम का अर्थ है नुक़सान की संभावना
ज़ोखिम हमेशा किसी संकट या ख़तरे का परिणाम नहीं होता बल्कि किसी भी बात में ज़ोखिम छुपा हो सकता है 
किसी को स्वीकार करने तो किसी को इनकार करने का अपना ज़ोखिम हो सकता है कुछ करने में और कुछ न करने में ज़ोखिम हो सकता है , ज़ोखिम यहाँ भी हो सकता है वहाँ भी कहीं भी,
ज़ोखिम दैहिक भी हो सकता है, भावनाओं का भी हो सकता है, धन संपत्ति को हो सकता है सम्मान को हो सकता है 
काम धंधे में ज़ोखिम, रिश्तों को निभाने में ज़ोखिम, हर एक बात में ज़ोखिम 
पूरी ज़िंदगी मे ज़ोखिम रहेगा
इसे ही पहचानना है, छुपे हुए लाभ हानि को समझना है कई बार नुक़सान फायदे की शक्ल में लुभाते हैं कई बार हानि फायदे में बदल जाती है, 
दुर्भाग्य सौभाग्य के मुखौटे तले छुप कर आता है,
कई बार हार की कगार जीत के शिखर दे जाती है वहीं कई बार जिसे सीढ़ी समझ कर आगे बढ़ते हैं वो सांप निकल आता है और कई बार सांप खुद ही सीढ़ी बन जाता है
लेकिन यह अनिश्चित होता है बिना ज़ोखिम उठाये ये समझा नहीं जा सकता, 
विश्वास में ही असल मे धोखा छुपा है 
हर ज़ोखिम के मूल में धोखा होता है
जैसे जैसे आप धोखे की संभावनाओं को 
जानने समझने और आंकने लगेंगे
आपको अपने ज़ोखिम का दायरा समझ आ जायेगा
ज़िन्दगी के गणित को सीखिए
हिसाब लगा कर ज़ोखिम उठाइये, 
पहले छोटे ज़ोखिम उठा कर अनुभव लीजिये ताकि बड़े दांव खेल और झेल सकें
जितने की हानि सह सकें, 
जिस विपरीत स्थिति का सामना करने में खुद को सक्षम मानते हों 
जितना विश्वास करने का प्रमाण और समझ आपके पास हो,
उसकी सीमा में रह कर ज़ोखिम लेना है
ज़ोखिम के दायरे को छोटा करते चलिए
और ज़ोखिम उठाने और नुक़सान झेल पाने की क्षमता बढ़ाते चलिए 
क्योंकि बिना ज़ोखिम लिए कुछ भी मनचाहा हासिल नही होगा !

@मन्यु आत्रेय

9 comments:

  1. Absolutely perfect sir...bahut hi achhi tarah se samjhaya hai aapne 👍👍👍💐💐💐

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  2. 🙏🌺🙏, श्री मान जी शुभ प्रभात, आपके विचार स्मरणीय है प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कई तरह की जोखिम उठाता है (आम सड़क पर चलते समय या कई कार्यो पर) लेकिन हमें यह सोचना है कि जोखिम समाज कल्याण के लिए हैं या निज स्वार्थ के लिए हैं। कई महान शासकों (सम्राट - अशोक या अन्य) निज स्वार्थ के लिए उठाए जोखिमों में अस्तित्वहीन और समाज कल्याण के लिए उठाए गए जोखिमों में उन्हें आज भी याद किया जाता है । हमें समझना होगा कि जोखिम कब और कैसे लें ।

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  3. No risk, No gain 💐💐👌👌

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  4. सूंदर विचार👌👌👌👌🙏🙏🙏🚩🚩

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  5. Bilkul sahi baat hai sir ji👌👍🙏💐

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  6. फार छानच आहे

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