नवकल्प
मुझे आज यह बात नहीं भूलनी है
कि मुझे अपने हिस्से का श्रेय छोड़ना नहीं है
ये दुनिया बहुत स्वार्थी लोगों से भरी पड़ी है
शेर अगर अपने शिकार पर कब्ज़ा न जमाये
तो गीदड़ सियार शेर का हक छीन लेते हैं
हम सबके आसपास ऐसे परजीवी लोग होते हैं
जो दूसरों का खून चूस कर ही पनपते हैं
दुनिया तो तैयार बैठी है हाशिये पर धकेलने के लिए
हज़ारों लोग ऐसे हैं जिन्हें उनके कामों का श्रेय नहीं मिला
दुनिया को कभी उनके अच्छे कामों का पता नहीं चल पाया
उनकी उपलब्धियाँ गुमनामी के अंधेरों में खो गयी
अगर मैंने कोई अच्छा काम किया
अगर मेरी कोई उपलब्धि हुई तो आखिर मुझे उसका श्रेय क्यों नहीं लेना चाहिए
आखिर मैंने अपनी रचनात्मकता दिखाई
मेहनत की, समर्पित होकर श्रेष्ठ काम किया
श्रेय मिलना मेरी उसी मेहनत और समर्पण का सम्मान है
श्रेय डूबते हुए दिल को उबार लेता है
लाख अच्छा करो पर कोई सराहना
कोई श्रेय न मिले तो सब बेमानी लगता है
आदमी अपने भीतर ही भीतर कुंठित हो जाता है
हीन भावना से ग्रसित हो जाता है
लोगों को पता चलना चाहिए ये मैंने किया
इससे मन को संतोष मिलता है, जीवन सार्थक बनता है
इसलिए अपने हर उस काम का श्रेय लेना है
जिसका श्रेय मिलने से मुझे आत्मिक तृप्ति मिलेगी
हर उस काम का श्रेय लेना है
जो मेरी रचनात्मकता, कर्तव्य निष्ठा, प्रतिभा और
समर्पण के सम्मान की रक्षा के लिए ज़रूरी है
मुझे कुछ काम सिर्फ श्रेय लेने के लिए करने पड़ें तो भी कोई बात नहीं,
कुछ कामों का श्रेय मैं दूसरों को अपनी खुशी से दे दूं तो भी कोई बात नहीं,
मुझे अपने काम पर, अपने तरीके पर अपनी अद्वितीय छाप छोड़नी है
ताकि लोग देखते ही समझ जाएं ये मेरा काम है
मुझे अपने आसपास के हर व्यक्ति को
उसके कामों उसकी उपलब्धियों का श्रेय देना है
जो उसका पात्र है, जिसने सब कुछ झोंका है
मुझे दूसरों को उनका श्रेय दिलाना भी है
और अपने हिस्से का श्रेय पाना भी है
मेरे श्रेय पर मेरे माता पिता पत्नी बच्चों
भाई बहन दोस्तों गुरुजनों
सबका हक़ है
जिन्होंने इसमें प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष भूमिका निभाई
मैं अपना हक छोड़ भी दूं
उनका हक़ कैसे छोड़ सकता हूँ
इसलिए श्रेय लेना भी है और दूसरों को वाजिब श्रेय देना भी है
@मन्यु आत्रेय
Wah sir... absolutely perfect 👌👌👌👍👍💐💐💐
ReplyDeleteBahut khoob likha hai 🙏🙏
ReplyDeletenice ...sir ..point clear hai..
ReplyDeleteबहुत ही सटीक ब्लॉग है।
ReplyDeleteVery nice sir👌👍💐🙏
ReplyDelete👍
ReplyDeleteHaa sahi h sir ab sacrifice karke mahan bane aesa jamana hi nhi rha,aur Bhagwan ji ko bhi kitna busy rakhen ke ve hmara PAP PUNYA ka account monitor karen.
ReplyDeleteBahut hi sarthak pankti hai
ReplyDeleteOr every person ko apna hak lena hi chahiye
And make a blessing thinking for every time, & every person
Very very nice script