नव कल्प
मुझे अपने आप को समेटना नहीं है
बल्कि मुझे अपनी चादर बड़ी करनी है
यह जीवन बार बार नहीं मिलने वाला
तो क्यों अपने आपको सीमित करके जीना
मुझे हर हालत में अपनी चादर बड़ी करनी है
चादर बड़ी करने का मतलब है
अपनी क्षमताओं को निरंतर बढ़ाना
मुझे अपनी शारीरिक शक्ति को बढ़ाना है
ताकि मेरी प्रतिरोधक क्षमता बढ़िया रहे,
और मैं एक सेहतमंद जीवन जियूँ
मुझे अपने दिमाग़ की ताक़त बढ़ानी है,
अपने तर्क अपनी स्मरण क्षमता, अपनी समझ,
सब कुछ बढ़ाना है ताकि मैं
मानसिक रूप से मज़बूत होकर दुनिया का सामना कर सकूँ
मुझे अपनी आय के स्रोतों को बढ़ाना है,
ताकि मुझे और मेरे परिवार को अपना मन मार कर न जीना पड़े,
ताकि हर ज़रूरी चीज़ और सेवा हम ले पाएं
जो एक अच्छा जीवन जीने के लिए आवश्यक है
मुझे अपने दोस्तों की संख्या बढ़ानी है,
ताकि ज़िन्दगी और खुशनुमा हो सके,
मुझे लोगों की भावनाओं और उनके व्यवहार की गहरी समझ बढ़ानी है ताकि मैं
एक अच्छा और ज़िम्मेदार व्यक्ति बन सकूँ,
मुझे अपनी चादर सिर्फ इसलिए नहीं बड़ी करनी
कि दूसरों को दिखाना है या दूसरे चाहते है,
मुझे इसलिए अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है
क्योंकि यह मुझे एक सम्पन्न और अच्छे जीवन का अनुभव कराएगा
अपनी किसी भी कमी, किसी भी अक्षमता पर
मुझे शर्मिंदगी नहीं महसूस करनी है
जब तक मेरी चादर इन सब मामलों में बड़ी नहीं हो जाती
मैं अपनी मौजूदा चादर में अपनी गरिमा के साथ रहूंगा
और दूसरों को उनकी क्षमताओं के साथ स्वीकार करूँगा, उनका सम्मान बनाये रखूँगा !
@मन्यु आत्रेय
Vary nice💐💐👌👌
ReplyDeleteबहुत सही बहुत खूब सर 💐💐💐💐
ReplyDeleteक्या बात 👍
ReplyDeleteGenerally लोग अपनी जरूरतें कम करने पर जोर देते हैं । मौजूदा समय में क्षमताओं को बढ़ाने का विचार ज्यादा सटीक है ।। 👍👍
बहुत सुंदर विचार मित्र
ReplyDeleteBahut badhiya sir...👌👍💐🙏
ReplyDeleteSahi kaha aapne sir..
ReplyDeleteperfect
ReplyDeleteThat's real positive and progressive thought
ReplyDeleteVery Nice Line Sir👌🏻🙏🏻🙏🏻
ReplyDeleteAbsolutely right
ReplyDeleteVery nice piece full
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