नव कल्प
आज के दिन
मुझे यह स्वीकार करना है कि
शारीरिक संकेतों को हल्के में नहीं लेना है
देह से जुड़ी हर एक बात को
बहुत गंभीरता से लेने की ज़रूरत है
क्योंकि एक लापरवाही, एक चूक,
एक उपेक्षा, एक कमी
जीवन की पूरी दिशा ही बदल सकती है,
एक भूल स्वास्थ्य की गाड़ी को
पटरी से उतार सकती है
नज़रंदाज़ किया गया छोटा सा दर्द
ब्रेन हेमरेज या हार्ट अटैक का शुरुवाती संकेत भी हो सकता है
साधारण सी समझी जाने वाली सुन्नता
पक्षाघात का इशारा भी कर सकती है
बड़ी सीधी सी दिखने वाली मरोड़
पेट के बड़े रोग का संकेत भी हो सकती है
ज़ुबान से गायब होता स्वाद,
और कुछ भी खाने पीने की अरुचि,
हर वक़्त रहने वाली हरारत,
हर बार सिर्फ मौसम की शरारत नहीं होती,
बढ़ रही कमज़ोरी और अनमनापन
एक इशारा है कि इस रहस्यपूर्ण देह के
कल पुर्ज़ों में, इसके मैकेनिज्म में
कुछ तो गड़बड़ है, कुछ तो रुकावट है
जिसे गम्भीरता से लेने की ज़रूरत है,
जब तक यह देह सलामत है
तब तक ही इस दुनिया मे जीना संभव है
इसलिए देह के संकेतों को हल्के में लेना
अपने आप को धोखा देना होगा
इससे बचना है !!
@मन्यु आत्रेय
Absolutely right sir 👍🏼👍🏼👍🏼💐💐💐
ReplyDeletePerfect picture 👍
ReplyDelete🙏🌹🌺🌻🌷🌺🌹🙏, श्री मान जी शुभ प्रभात जीवन का पहला सुख स्वास्थ्य शरीर है और स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क वास करता है ।
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