नव कल्प
मुझे यह बात ध्यान में रखनी है
कि मेरी ऊर्जा ही मेरी सबसे बड़ी निधि है
यही मेरी वो ताक़त है जिसके दम पर
बड़े से बड़े पहाड़ को काटा जा सकता है
समंदर को तैर कर पार किया जा सकता है
ऊर्जा न हो तो नाक पर बैठी मक्खी भी
नहीं उड़ाई जा सकती
ऊर्जा अच्छे भोजन, अच्छी नींद, अच्छी श्वास, अच्छे व्यायाम और अच्छे विचारों, अच्छे लोगों के मेल से मिलती है
और गलत जीवन शैली, असंतुलित आहार, शारीरिक श्रम के अभाव से ऊर्जा बाधित होती है
संसार में सिर्फ वही व्यक्ति बड़ा काम कर सकता है
जो अपनी ऊर्जा का सही प्रबंधन कर लेता है,
जिस काम मे ऊर्जा बर्बाद हो उससे बचना है,
जो व्यक्ति ऊर्जा को निचोड ले, उससे दूर रहना है,
नकारात्मक ऊर्जा फैलाने वाले लोगों से बचना है,
जो काम गैर ज़रूरी हो, अमहत्वपूर्ण और हानिकारक हो, ऐसे कामों से बचना है,
अपनी जीवन शैली के ऐसे गढ्ढे खोजने हैं
जिनसे होकर ऊर्जा बह जाती है,
6 घंटे सोना, 4 बार खाना 3 बार ध्यान करना है
2 बार शारीरिक व्यायाम करना है
उन आदतों को बदल देना है जो ऊर्जा नष्ट करें,
अपने सभी व्यसनों को छोड़ देना है
क्योंकि 1 बार ही तो जीना है
उन लोगों से जुड़े रहना है जिनसे
सकारात्मक ऊर्जा मिलती है
ऐसी नई बातें सीखनी हैं ऐसे हुनर सीखने हैं ऐसे तरीके सीखने हैं जिनसे ऊर्जा बचती और बढ़ती हो,
हर वो चीज़ करनी है जो मुझे नकारात्मक ऊर्जाओं के चंगुल में फंसने से बचाये
सकारात्मक ऊर्जा अच्छा महसूस कराती है
नकारात्मक ऊर्जा अच्छा महसूस नहीं कराती और मन मे कुछ न कुछ खटका लग जाता है,
इन ऊर्जाओं को पहचानना है,
सकारात्मक ऊर्जा से भर जाना है और
दूसरों को भी सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा देनी है
@मन्यु आत्रेय
बहूत उपयोगी संदेश
ReplyDeleteBeautiful...satya 👌👌💐💐
ReplyDelete🙏🌺 श्री मान जी शुभ प्रभात, सकारात्मक विचार और सकारात्मक कार्यशैली हमें सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है वहीं कई तरह की विडम्बनाओं से इस संसार में कई तरह के लोग से मेल मिलाप होता है और कई तरह की प्रतिक्रिया भी सामने आती है उस समय हमारी सकारात्मक ऊर्जा ही हमारी रक्षा करते हैं।
ReplyDeleteBahot hi Sakaratmak vichar hai ye Manyu wahh kya baat!!@
ReplyDeleteSahin
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