हर किसी से सलाह नहीं लेनी चाहिए
क्योंकि सलाह लेने से पहले सामने वाले को
सारी परिस्थितियां और अपने मनोभाव
खुल कर समझाने पड़ते हैं
जितने ज्यादा लोगों से सलाह लेने जाओगे
उन सबको सारी बातें बतानी पड़ेगी
और इससे रायता ही फैलता है,
दूसरी बात, यह भी तो हो सकता है
कि आप जिससे सलाह लेने जा रहे हैं
वह उस विषय में, उस समस्या को हल करने का उतना एक्सपर्ट न हो,
या वो उतनी गंभीरता से आपकी बातें न ले
हो सकता है आपके रहस्य,आपकी बातें जानकर वो दूसरों को बता कर तमाशा खड़ा कर दे
या आपका, आपकी परिस्थिति का मज़ाक बनाये
या वो आपका हितैषी बनने का नाटक करता हो,
जबकि आपके सारे लूप होल जान कर वो
आपकी ऐसी की तैसी करने की स्थिति में आ जाये
लोगों की आदत होती है मुफ़्त की सलाह देने की
सलाह देने वाला अपने अनुभव, कल्पना, तर्क, आपसे संबंधों, अपनी योजना और प्राथमिकता के अनुसार आपको सलाह देगा
वो परिपक्व और भरोसेमंद हो ये ज़रूरी नहीं
सलाह बांट कर कुछ लोगों को तृप्ति मिलती है
सलाह से फायदा हो या न हो, वो अपनी ब्रांडिंग कर लेते हैं,
कई बार असल में हमें सिर्फ एक सुनने वाले की ज़रूरत होती है
जिसके सामने हम अपनी वेदना,समस्या, दुख व्यक्त कर मन को हल्का कर सकें,
हम अपनी परिस्थिति का समाधान जानते हैं
बस एक बार आत्म मंथन करके हमें अपने विचारों को पुष्ट करना होता है
पर हम किसी दूसरे की सलाह लेने पहुंच जाते हैं
सलाह लेने में कोई बुराई नहीं है बल्कि
महत्वपूर्ण बातों के लिए अनुभवी और
तटस्थ की सलाह लेनी ही चाहिए
सभी लेते हैं, ज़रूरी भी है तब ही तो सीखते हैं
लेकिन सलाह रास्ता बनाने वाली हो,
या लक्ष्य और पथ स्पष्ट दिखाने वाली हो,
या पथ पर चलने का हौसला पैदा करने वाली हो
बहुत सारे लोगों से सलाह लेना और भरम पैदा कर सकता है
यह एक जाल बन के अटका लेता है
सलाह सुनो सबकी करो मन की, परंतु
बार बार सलाह लेकर नहीं मानने पर सलाह देने वाले बुरा मान जाते हैं
आप पर दबाव बनाया जा सकता है सलाह मानने
हो सकता है किसी से सलाह लेने से आपके करीबी लोग नाराज़ हो जाएँ
तो किससे सलाह लेना है किससे नहीं लेना है
किस सलाह को मानना है या नहीं मानना है
यह जितनी जल्दी समझ जाओ उतना अच्छा!!!
@मन्यु आत्रेय
Bahut sahi kaha sir 👍👍💐💐💐super..
ReplyDelete👌👌🙏🙏💐
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