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Monday, 1 March 2021

आपकी निष्ठा किसके प्रति है?

निष्ठा बहुत बड़ी चीज़ है। 
आप जिसके प्रति निष्ठा रखते हैं उसके प्रति समर्पित होते हैं,उसके पक्ष में खड़े होते हैं 
उसके प्रति ईमानदार रहते हैं और कभी उसके खिलाफ कोई काम नही करते। 
निष्ठा का अर्थ है किंतु परंतु से ऊपर उठना। 
जैसे ही आपमे कोई संशय आता है आपकी निष्ठा भंग हो जाती है। 
निष्ठा की परख धर्मसंकट के समय होती है। 
निष्ठा सही गलत सिर्फ इस लिहाज से जानती है 
कि जिसके प्रति निष्ठा है उसका साथ देना सही है 
और उसका साथ नहीं देना गलत है। 
आप जिसका साथ देते हैं आपकी असली निष्ठा उसके प्रति होती है। 
निष्ठा वो नौका है जो परिस्थितियों की झंझाओं में नहीं डोलती।
निष्ठा वो पक्षी नहीं जो आज इस डाल पर कल उस डाल पर जा बैठे। 
जिसकी निष्ठा अटूट होती है उसका ध्यान भटकता नहीं है। 
जो अवसरवादी लोग होते हैं वे किसी भी क्षण दल बदल कर सकते हैं। 
निष्ठावान हमेशा समर्पित होगा क्योंकि वो उसे केंद्र में रखता है 
जिसके प्रति वो निष्ठा रखता है।
जब हम अपने आप के प्रति निष्ठा नहीं रखते तो हमारा व्यक्तित्व बिखर जाता है। 
जब हम अपने काम के प्रति निष्ठा नहीं रखते 
तो हमारे काम का स्तर घटिया हो जाता है, 
सब को पता चल जाता है कि हम इस काम को लेकर निर्भर होने योग्य नहीं हैं। 
जब हम अपने लक्ष्य के प्रति निष्ठा रखते हैं तो उसे ज़रूर पाते हैं। 
जब हम देश के प्रति निष्ठावान रहते हैं तो देश पहले के उसूल पर चलते हैं
जब हम रिश्तों को लेकर निष्ठावान नहीं रहते 
तो हमारा असली चरित्र सामने आता है 
और अच्छे से अच्छा रिश्ता टूट जाता है, बेमानी हो जाता है। 
निष्ठा से कर्तव्य जुड़ा होता है 
चाहे जो हो जाये ये करना ही है 
और ये नहीं ही करना है यही निष्ठा का पैमाना है।
आप जब न करने वाली बातें कर गुज़रते हैं 
और करने वाली बातें नहीं करते 
तो आपका व्यवहार एक निष्ठ और ईमानदार नहीं रह जाता। 
चूक स्वीकार्य है लेकिन धोखा बिल्कुल स्वीकार्य नहीं। 
निष्ठावान कभी बहानेबाज़ी नहीं करता। 
लोग अक्सर किसी के प्रति निष्ठा जताते हैं भरोसा दिलाने का प्रयास करते हैं
परंतु निष्ठा जताने से नहीं अमल में लाने पर प्रमाणित होती है। 
निष्ठा कभी भी नक़ली नहीं होती, वो या तो होगी या नहीं होगी। 
आपके चरित्र की ताकत आपके निष्ठावान होने में छुपी हुई है। 
इसलिए अपने आप को तोलिये आप किसके प्रति निष्ठा रखते हैं? 

@मन्यु आत्रेय

2 comments:

  1. Very well explained sir...👌👌👌💐💐💐🙏🙏

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  2. Shat pratishat satya sir👍👍👍👍bahut khoob vishleshan💐💐💐

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