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Friday, 2 April 2021

सफाई पेश करने से पहले इसे पढ़ें।

अपनी सफाई पेश करना एक बहुत तकलीफ दायक काम है 
लेकिन जीवन में कई बार हम ऐसी परिस्थितियों में फंस जाते हैं कि
हमें अपनी स्थिति को स्पष्ट करना पड़ता है 
क्योंकि हमें गलत समझा जा रहा होता है या फिर समझा ही नहीं जा रहा होता। 
कभी-कभी स्पष्टीकरण हमें खुद देना पड़ता है क्योंकि हमको लगता है 
कि हम पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं 
कई बार हम से हमारी किसी बात को लेकर स्पष्टीकरण मांग लिया जाता है। 
अगर बार बार आपको सफाई पेश करनी पड़ रही है तो इसका मतलब है
या तो आपकी गतिविधि, आपके शब्द और आपका चरित्र संदिग्ध हो गया है
या लोग आपको समझ नहीं पा रहे और शायद आप भी खुद को नहीं समझ पा रहे हैं
या शायद आपमें आत्म विश्वास की बहुत कमी हो गई है 
या कहीं ना कहीं कोई अपराध बोध आपके भीतर है जिसे आप दूर करने के लिए स्पष्टीकरण दे रहे हैं 
स्पष्टीकरण देने से पहले यह बिल्कुल ध्यान रख लेना चाहिए 
कि स्पष्टीकरण मांगा किन बातों के लिए जा रहा है 
पहले मामले को अच्छे से समझ लेना चाहिए 
और जिस बात के लिये स्पष्टीकरण मांगा गया हो
सिर्फ उतनी बात के लिए ही सफाई पेश करना चाहिए
जब आपको अपनी ओर से सफाई पेश करनी पड़े 
तो पहले सामने वाले से टोह लीजिये 
ये जानिए कि इसे आखिर क्या स्पष्ट करना है?
क्योंकि वो जानना कुछ और चाहता है और हम हड़बड़ी में कुछ और ही बातें उसे बता जाते हैं
कभी कभी हम इतनी ज्यादा सफाई पेश कर देते हैं 
कि वह सफाई भी संदेह के दायरे में आ जाती है
कई बार स्पष्टीकरण देते देते हम ऐसे तथ्यों को भी उजागर कर देते हैं जिसकी जरूरत नहीं थी 
बाद में उन बातों को आधार बनाकर कुछ नए सवाल भी खड़े किए जा सकते हैं। 
आप कब किसे क्या सफाई पेश कर रहे हैं उससे आपके संबंध और स्थिति कैसी है, 
आप अपनी सफाई कैसे पेश कर रहे हैं ये महत्वपूर्ण होता है
जब तक आप उठाए गए अधिकांश सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे देंगे 
तब तक स्पष्टीकरण का कोई अर्थ नहीं रहेगा परंतु आप हर एक सवाल का बिल्कुल ईमानदार जवाब नहीं दे पाएंगे 
क्योंकि सामने वाला किस बात को किस अर्थ में किस तरीके से लेगा आप नहीं जानते। 
कभी-कभी सफाई पेश करना रिश्ते को और अपनी स्थिति को खराब होने से बचा लेता है
और कभी कभी सफाई पेश करना रिश्ते में नया पेंच ला खड़ा करता है
अपनी सफाई पेश करना भी एक कला है। 
आप हर बार पूरी ईमानदारी से स्पष्टीकरण नहीं पेश कर सकते
इसलिए आपको अपनी स्थिति को स्पष्ट करने के अलावा बातों को घुमाना सीखना पड़ता है
सवाल का जवाब भी सवाल में देना पड़ता है, 
कुछ लोग सामान्य सी सफाई पेश करने की बजाए विक्टिम कार्ड खेल जाते हैं, वहीं कुछ लोग सफाई मांगने वाले की दुखती रग छेड़ने वाली बात उठा देते हैं। 
कुछ लोग भावनात्मक नाटक करते हैं कुछ लोग झूठे तथ्य और काल्पनिक बातें पेश करते हैं 
ये सब ज़्यादा चलता नहीं है। 
सफाई तब ही पेश करनी चाहिए जब अनिवार्य हो जाये। 
अपना स्पष्टीकरण आप अपने कामों के ज़रिए रखें तो बहुत बढ़िया। 
शब्दों से जब सफाई पेश करनी हो तो कम से कम और बिल्कुल उपयुक्त शब्द इस्तेमाल करें। 
सफाई मामले का पटाक्षेप करने वाली हो न कि नया लफड़ा शुरू करने वाली। 
यह ज़रूर ध्यान रखना है कि जगह जगह सफाई पेश करने में कोई लाभ नहीं। 
सिर्फ उस जगह सफाई पेश करना चाहिए जहां स्थिति स्पष्ट करने से सबको मानना पड़े। 
या जिसके असमंजस में रहने से आपको नुकसान हो उसे स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
मांगे जा रहे स्पष्टीकरणों की भाषा,समय, स्वरूप को समझ कर आप अपनी स्थिति का सही आकलन कर सकते हैं। 
स्पष्टीकरण मांगा जाना किसी बड़े आरोप का पहला चरण भी हो सकता है
इसलिए सफाई बहुत सोच समझ कर पेश कीजिये। 

@ मन्यु आत्रेय

5 comments:

  1. एक दम सही सर् जी🙏🙏🙏👌🏼👌🏼👌🏼💐💐

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  2. thank u sir जी
    🙏💐💐💐 point clear hogya


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  3. Sahi hai sir ..ekdam sahi 👍👍💐💐

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  4. श्री मान जी शुभ प्रभात, जहां विश्वास की कमी होती है वहीं पर सफाई या स्पष्टीकरण की आवश्यकता होती है अन्यथा अनजान रास्ते को भी अनजान लोगों से पुछ कर निकल जाते हैं, इन्हें ही संभावना भरी विश्वास कहते हैं जहां स्पष्टीकरण मांगा जा रहो वहां पर समय, परिस्थिति को समझ कर ही स्पष्टीकरण देना चाहिए अन्यथा मौन हो कर बैठ जाना चाहिए, समय खुद जवाब दिया करता हैं यह प्रकृति का नियम है।

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