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Friday, 9 April 2021

आपके आसपास क्या हो रहा है

आप के आस पास बहुत कुछ घट रहा होता है 
आपके परिवार में आपके पास पड़ोस में आपके कार्यस्थल पर 
आपके आने जाने वाले रास्ते पर, जहां कहीं भी आप रहते हैं 
उस परिवेश में कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ घट रहा होता है 
जिसका संबंध आप से हो चाहे नहीं हो वह कहीं ना कहीं आपको प्रभावित करता है ।
हमें अपने परिवेश में घट रही घटनाओं के प्रति जागरूक होना चाहिए 
हमें ज्ञान होना चाहिए कि हमारे आसपास इस समय माहौल कैसा है लोग क्या कर रहे हैं 
और इस बात का बोध भी हमें होना चाहिए कि जो कुछ भी हो रहा है 
उसका हम पर कब और कैसा प्रभाव पड़ सकता है 
आप जिस रास्ते से आते जाते हैं वह इलाका  लूट राहजनी के लिए बदनाम हो गया है 
अगर आपको पता नहीं है तो किसी दिन आप भी शिकार हो सकते हैं 
अगर आपके अड़ोस पड़ोस में कोई आपराधिक गतिविधि चल रही है 
तो कल आप भी उसका शिकार हो सकते हैं 
आपके आसपास के लोगों में से कोई कोविड-19 संक्रमित है 
और आप नहीं जानते तो हो सकता है कि कल को आप भी संक्रमित हो जाएं 
लोगों को पता नहीं चलता और उन्हीं के घर में बगल के कमरे में 
उनके परिवार का कोई सदस्य चुपचाप फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेता है। 
कहां क्या चल रहा है इसकी जानकारी रखना एक हद तक जरूरी भी है 
क्योंकि वर्तमान परिवेश की जानकारी आपको सतर्क होने में सावधान होने में 
और सुरक्षित होने में मदद कर सकती है 
आप के भीतर परिस्थितियों की समझ पैदा करती है 
जिससे आप अपनी उस क्षण की प्राथमिकताओं का निर्धारण कर सकते है।
आसपास क्या चल रहा है इसकी जानकारी आपको आसानी से मिल सकती है 
अगर आप अपने आंख नाक कान खुले रखें 
लोगों से आप बात करते रहिए लोगों को बारीकी से देखते रहिए 
आसपास  लोग क्या बातें कर रहे हैं उस पर भी थोड़ा ध्यान रखिये। 
लोग अपनी सामान्य जानकारी, समझ, अपने अनुभव और तथ्यों को 
आपस में साझा करते हैं, आदान प्रदान करते हैं
बातों को घटनाओं को एक दूसरे से जोड़कर देखने की क्षमता विकसित कीजिए 
आपको धीरे-धीरे समझ में आने लग जाएगा कि क्या चल रहा है? 
वह कैसे और क्यों हो रहा है कौन कर रहा है और आप किस प्रकार से खुद को अपने परिवार को 
और अपने करीबी लोगों को किस प्रकार से सुरक्षित रख सकते हैं
इस क्षमता को बढ़ा लेने से आपकी ताकत बढ़ जाती है। 
हालांकि यह बहुत सरलता से आपको पता तो नहीं चलेगा लेकिन 
अगर आप थोड़े से जिज्ञासु होंगे थोड़ी सी पहल करेंगे थोड़ी सी रुचि लेंगे 
और थोड़ा सा समय देंगे तो आपको आसानी से यह पता चल सकता है। 
प्रकृति ने हर जीवधारी में यह क्षमता भरी हुई है कि वह 
संकट संभावित परिवेश के प्रति अपने आप ही सजग हो जाता है। 
अपनी परिस्थितियों अपने परिवेश के प्रति जागरूकता 
आपको अपनी प्राथमिकताओं के निर्धारण में मदद करती है। 
इसलिए परिवेश की अपनी समझ बढ़ाइए आपके लिए बेहद जरूरी है।
अपने परिवेश और अपनी स्थिति के प्रति बोध से भर जाना सुरक्षा की पहली कुंजी है। 

@मन्यु आत्रेय

4 comments:

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