आज के दिन
मुझे यह समझ लेना है
कि अतीत को मिटाया नहीं जा सकता
इसे बदला नहीं जा सकता
पर उससे उबरा जा सकता है
मुझे अपने अप्रिय अतीत को
बीते हुए कल के पिंजरे में कैद रखना है
मेरे अतीत के दुष्प्रभाव
मेरे वर्तमान और मेरे भविष्य पर न पड़ें
मेरी अतीत की गलतियों से मैं सबक लूं
और अपना सुधार परिष्कार कर सकूँ
अपने सुखद अतीत को
जीवन की यादगार के तौर पर मुझे
याद रखना है,
परंतु मुझे बीते हुए कल में नही जीना
मुझे आज में जीना है इस एक पल में
अपने अतीत को मुझे अपनी ऊर्जा बनाना है
अतीत के जो ज़ख्म आज भी ताज़ा हैं
उन पर थोड़ी थोड़ी मलहम लगानी है
उन्हें भरने देना है,
उन्हें कुरेदकर हरा नहीं करना
इस पर कोई चर्चा नही करनी
कोई रंज मलाल नहीं पालना
आगे बढ़ना है
बस आगे बढ़ना है !!
@मन्यु आत्रेय
Bahut sahi likha hai sir 👍👍💐💐
ReplyDeleteSahiii👌💐
ReplyDeleteThank you
Deleteबस आगे बढ़ना है
ReplyDelete