*नव कल्प*
मुझे अपेक्षा के रहस्य समझने हैं
मुझे सब की अपेक्षाओं पर खरा उतरना
कतई ज़रूरी नहीं है,
मुझे सिर्फ उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरना है
मैं जिनके लिए अहम हूँ
और जो मेरे लिए मायने रखते हैं
जिनकी अपेक्षा पूरी करना मेरा कर्तव्य है,
जिनकी अपेक्षा पूरी करके
मुझे नुक़सान न हो, नीचा न देखना पड़े,
मैं गलत न साबित हो जाऊं,
मुझे हर व्यक्ति की अपेक्षा
आपसी संबंधों की हद में रहकर ही पूरी करनी है
किसी की हर अपेक्षा पूरी करने की
मुझे न तो आवश्यकता है और न ही ये उचित है
दूसरों की अपेक्षाएं जीवन को घुन लगा देती हैं
पूरा करो तो आत्म वंचना न करो तो अपराध बोध
मेरा जीवन भावनात्मक रूप से शोषण किये जाने के लिए बिल्कुल नहीं है
मुझे सिर्फ पात्र की अपेक्षा पूरी करनी है,
सारी दुनिया का ठेका नही लिया मैंने
ये बात मुझे हमेशा याद रखनी है
@मन्यु आत्रेय
Bilkul sahi kaha sir 👍🏼👍🏼💯 bahut khoob 💐💐
ReplyDeleteअतिउत्तम
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