नव कल्प
आज के दिन
मुझे ये समझना है कि
मैं जिंदगी के किस जोन में जी रहा हूं
जब मैं अपने आप को सिर्फ उसी स्थिति में रखना चाहता हूं
जिसमें मैं खुद को पूरी तरह से सुरक्षित और आरामदेह समझूं
तथा हर बात पर लगभग मेरा नियंत्रण बना रहे
तो मैं आपने सुविधा के दायरे यानी Comfort Zone में होता हूं
जब मुझ में आत्मविश्वास कम होता है
या जब मैं बहाने ढूंढता हूं और
दूसरों की राय का मुझ पर अधिक प्रभाव पड़ता है
तब मैं डर के दायरे में यानी Fear Zone में होता हूं
लेकिन जब मैं चुनौतियों, खतरों और समस्याओं का सामना करता हूं
जब मैं नया कौशल सीखता हूं, ज़ोखिम उठाता हूँ, नई बातें पता करता हूं और
जब मैं अपने कंफर्ट जोन को बड़ा करता हूं
तो मैं Learning Zone यानी सीखने के दायरे में होता हूं
और जब मैं अपना मकसद खोज लेता हूं
जब मैं अपने सपनों को जीता हूं
अपनी कल्पना को साकार करने में जुट जाता हूं
जब मैं अपने नए लक्ष्य तय करता हूं
जब मैं अपनी बाधाओं को जीत लेता हूं
तब मैं Growth Zone में होता हूं यानी प्रगति के दायरे में होता हूं
यह एक प्रक्रिया है
हममें से हर कोई अलग-अलग मामलों में
अलग-अलग जोन में जी रहा होता है
मुझे अपने आप को
अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकाल कर
लर्निंग जोन से होते हुए ग्रोथ जोन में पहुंचाना है
सफल जीवन जीने का यही मूल मंत्र है !!
सुविधा का दायरा बड़ा करो, डरो मत,
सीखते जाओ और आगे बढ़ो!!
@मन्यु आत्रेय
Very useful and perfect this is sir 👌👌💐💐💐thank you and picture is super👍
ReplyDeleteVery Motivational Article. Inspiring pic
ReplyDeleteसटीक ....👍
ReplyDelete🙏🌷🌺🌷🙏, श्री मान जी शुभ प्रभात,आपके के विचार सही है।.
ReplyDelete🌻 मानव समाज में मनुष्य देख कर सीखता है यह प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का गुण हैं मानव अर्थात बुद्धिमान जीव (होमोसेपियंस) कलात्मक गुणों से युक्त होते हैं बस जरूरत है तो नैतिकता व सुविचार के साथ सुशिक्षित होकर सुकर्म करने का। जो मनुष्य ऐसा करता है वह समाज में विकास की ओर लगतार अग्रसर होता है।
चुनौतियाँ... यही एक शब्द है जो जीने का मजा दुगुना कर देती है.. आउट ऑफ कम्फर्ट जोन 💐💕🙏🙏
ReplyDeleteTrue to every word.
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