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Thursday, 14 January 2021

कुंठित क्रोधित इंसान से संभल कर रहो।

नव कल्प 
मुझे यह समझना होगा 
कि कुंठित, खीझे हुए और क्रोधित व्यक्ति से 
तर्क करने बात बढ़ाने से अपना ही नुकसान है 
एक तो वो किसी की बात नहीं सुनता 
सुनता है तो समझता नहीं 
समझ लेता है तो भी स्वीकार नहीं करता, 
इस स्थिति में माहौल खराब ही होता है 
खौलते हुए पानी मे हाथ डालने से 
पानी का कुछ नहीं बिगड़ता
हाथ ही जल जाता है इसलिए 
कुंठित, खीझे हुए और क्रोधित व्यक्ति से 
दूरी बना के रखना ही अच्छा
उसे उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए
कुछ समय बाद जब वह थोड़ा सामान्य हो 
तब उससे बात करनी चाहिए
कुछ लोग इतने तुनक मिजाज होते हैं कि वे 
एक छोटी सी बात से नाराज़ होकर 
आपको भी अस्थिर कर सकते हैं 
आपको ट्रेक से भटका सकते हैं 
आपको चोट पहुंचा सकते हैं 
कई लोग अपनी कुंठा खीझ या 
क्रोध के प्रदर्शन को अपने बचाव की 
चाल बना लेते हैं ताकि कोई भी 
उनसे उनके मन के विरुद्ध बात या व्यवहार न करे 
ऐसे लोगों को बारीकी से देखना है 
और अध्ययन करना है कि 
यह सच मे परेशान है
या नाटक कर रहा है 
नाटक करने वाले के नाटक का 
पर्दाफाश करना होगा
और सच मे परेशान व्यक्ति के साथ  
सद्भाव, सहानुभूति और सहयोग
यही लोक व्यवहार का सूत्र है!!

@मन्यु आत्रेय

7 comments:

  1. Sahi baat sir👍👍👍👍💐💐💐💐

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  2. लोक व्यवहार का सटीक विश्लेषण 👌👌👌💐

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  3. 🙏🌻🌷🌹🌺🙏 श्री मान जी शुभ प्रभात, कुण्ठीत व्यक्ति जब अपने आप क्षण में खुशी और क्षण में दुखी कर लेता है और अस्थिर हो कर अपने आप को क्रोधित कर लेता है, तब उस समय बुद्धिमान और सहनशील व्यक्ति मौन ही सर्वोत्तम भाषण होने प्रमाण प्रस्तुत करता है और शांत रह कर अस्थिरता को समाप्त करता है। (आपका सुविचार वंदनीय है)

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  4. भाई दिक्कत तब होती है जब हमें मालूम होता है कि सामने वाला व्यक्ति नाटक कर रहा है, पर उसका दिल न दुखे इसीलिए उसे कुछ नही कह सकते ...

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  5. Bahut badhiya sir ji...Bilkul satya vachan👍💐🙏

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  6. बहुत ही बढ़िया एवं कटु सत्य।

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