नव कल्प
आज के दिन
मुझे हर एक भरम को तोड़ देना है
हर एक ग़लतफ़हमी को दूर करना है
अपनी शंकाओं के समाधान में जुट जाना है
मुझे हर मामले में सत्य की तलाश करनी है
और उसे जानना समझना भी है
और ये तब ही होगा जब मैं
अपनी धारणाओं से बाहर आ जाऊँ
जब तक मैं अपने विचारों को, अपनी जानकारी को
और जैसा मैं किसी बारे में महसूस करता हूँ
यदि उसे ही प्रामाणिक और पर्याप्त मान कर किसी निर्णय पर आ जाऊंगा
तो मुझसे गलती हो सकती है
मुझे ये देखना होगा कि जो कुछ मैं सोच रहा हूँ
जैसा मैं महसूस कर रहा हूँ
जो मुझे समझ आ रहा है जो मेरी धारणा है
क्या वही पूरा सच है या इसके परे भी कुछ सच्चाई है,
सच का कोई ऐसा आयाम जो मैं नहीं जानता
जो मेरी आँखों के सामने है जिसे मैं देख नही पा रहा
या जिसे देख पा रहा हूँ पर समझ नहीं रहा,
समझ रहा हूँ पर उसके भावी प्रभाव का
अनुमान मुझे नहीं हो रहा है
मुझे किसी भी विषय में अपनी धारणा,
अपने विचार और अपनी अनुभूति के आधार
टटोलने होंगे, उनकी परीक्षा करनी होगी,
कि उनका कोई आधार है या वे निराधार हैं
मैं व्यक्तिगत की बजाय निरपेक्ष और तटस्थ सबूतों पर भरोसा करूँ
क्योंकि इंसान झूठ भी बोल सकता है लेकिन
परिस्थितियाँ जो सबूत पेश कर रही हैं
यदि उन्हें सही संदर्भ में मैं समझ पाऊँ तो
शायद मैं एक ऐसा सच समझ पाऊंगा
जो मेरे भ्रम को दूर कर देगा,
मेरी ग़लत फ़हमी को मिटा देगा
इसके लिए मुझे बिल्कुल शांत रहना होगा
बिना मोह माया और व्यक्तिगत पूर्वाग्रह के
हर तथ्य कथ्य को परखना होगा
इसमे कोताही नहीं करनी है
आंख मूंद कर धारणा नहीं बनानी
सच को सामने लाना है ताकि ज़िन्दगी के अहम फैसले सोच समझ कर ले सकूं
जितनी जल्दी हो सके होश में आना है
हर भरम हर गलतफहमी जितनी जल्दी दूर हो उतना अच्छा !!
@मन्यु आत्रेय
Very nice 👌👌💐💐💐
ReplyDeleteBahut sahi sir👌👌👌💐💐💐
ReplyDeleteBilkul sahi baat hai sir..👍💐💐🙏
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