समय पर ब्रेक लेना अच्छा है
ब्रेक यानी हर बाध्यता, हर अनिवार्यता से दूर हो जाना,
ब्रेक लेना आपको शांत करता है
जो कुछ भी हम हैं उससे ब्रेक लेने से हम
अपने आप के नए आयाम खोज सकते हैं
जो कुछ भी हम करते हैं उससे ब्रेक लेकर
रुचि को बनाये रख सकते हैं परफॉरमेंस सुधार सकते हैं
जिन परिस्थितियों में भी हम हैं उनसे ब्रेक लेकर
हम खुद को उनके क़ाबिल बनाने और नए सिरे से खुद को तैयार करने में जुट सकते हैं
अपने रिश्तों में ब्रेक लेना रिश्ते की लज़्ज़त को बढ़ा सकता है,
सामने वाले को स्पेस देता है उसे मुक्त करता है, अपनी कद्र पैदा करता है
अपने विचारों से ब्रेक लेकर हम ज़रूरी और बेकार विचारों को जान समझ पाते हैं,
विचारों की रौ में बहने से बच जाते हैं
हम तटस्थ होकर सोच पाते हैं
ब्रेक लेने का अर्थ पलायन करना नहीं है
बल्कि अपने आप को एकरसता से बाहर निकालना है ताकि रुचि खत्म न हो जाये
अपने आप को मशीन बनने से रोकना है
अपनी कीमत को बनाये रखना है
हाथ से छूटते रिश्तों को फिर एक मौका देना है
पर यह ध्यान रहे कि ब्रेक कब लेना है कब नहीं
जब आपकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत हो
जब ज़िम्मेदारी निभाना ज़्यादा अहम हो
जब कामयाबी का दारोमदार आप पर हो
जब कोई नाजुक मोड़ आ गया हो
जब आप पर भगौड़ा होने का आरोप लग सकता हो
ऐसे में ब्रेक लेना नहीं चाहिए।
ब्रेक लेने का अर्थ है अपने लिए अपनी नैसर्गिकता में उपलब्ध होना
किसी को भी न कुछ सिद्ध करना है
न कुछ दिखाना है न कुछ करना है
बस अपने अस्तित्व में डूबना है
जीवन को समझना है खुद को मौका देना है
इसलिए सही समय देख कर ब्रेक लीजिये
छुट्टी कीजिये अपने आप को खोजिए!!
@मन्यु आत्रेय
Best...break is much needed...post corona dino ke liye to ekdam perfect lekh hai ye to.. sir 👍👍👍💐💐💐💐
ReplyDeleteVery nice sir👌💐💐🙏
ReplyDeleteबहुत ही अच्छी रचना सर जी,
ReplyDeleteअल्प विराम जीवन मे बहुत जरूरी है