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Friday, 12 February 2021

जब निराश हो जाओ तो इसे पढ़ना!

मेरे दोस्त
मैं जानता हूँ तुम परेशान हो 
कुछ ऐसे हालात में हो 
कि तुम्हें समझ नही आ रहा है कि क्या करूँ 
उलझन ऐसी है कि किसी को साफ साफ बताना भी शायद मुश्किल है
शायद इस लड़ाई में तुम खुद को अकेला महसूस करो
शायद तुम्हे ऐसा लगे  कि सब कुछ खत्म हो गया है 
सब कुछ हाथ से निकल गया है 
हो सकता है तुम्हे अपने साथ धोखा होने, 
और छल किये जाने का अहसास हो, 
तुम शायद अपने भाग्य को दोष दो
शायद उस इंसान को दोष दो 
या उन परिस्थितियों को दोष दो 
जिनके चलते तुम इस परेशानी में हो 
हो सकता है तुम्हे हर तरफ 
अंधेरा ही अंधेरा नज़र आ रहा हो
मैं तुम्हें कोई सांत्वना कोई ढाढस नहीं दूंगा
मैं तुम्हे कोई सहानुभूति नही दूंगा
मैं तुम्हे कोई झूठा आश्वासन नही दूंगा
कोई झूठी आस नहीं बंधाऊँगा
जो है वो है और जो नहीं है वो नही है
पर मैं तुम्हे याद दिलाना चाहूंगा कि
तुम अपनी ज़िंदगी मे आने वाली 
किसी भी समस्या किसी भी परेशानी से 
कहीं ज़्यादा मज़बूत हो
तुम किसी भी चुनौती से ज़्यादा ताकतवर हो
किसी भी समस्या संकट परेशानी से 
किसी भी चोट, किसी भी धोखे किसी भी छल से
तुम्हारा जीवन कहीं ज़्यादा अहम है 
जो ज़िन्दगी निराश करती है वही उम्मीद करने की हिम्मत भी देती है 
वही जीतने का हौसला भी देती है
ज़िन्दगी एक समस्या परेशानी के आ जाने से खत्म नहीं हो जाती 
कई बार हम समस्या और परेशानी को 
जितनी बड़ी करके देखते हैं 
उतनी बड़ी उतनी जटिल असल मे वो होती नहीं 
तुम उस समस्या को सिर्फ एक समस्या के रूप में देखो
एक बड़ी समस्या को तुम छोटे छोटे टुकड़ों में तोड़ के देखो और तुम्हे पता चलेगा कि
समस्या के इन छोटे छोटे टुकड़ों का हल कैसे करना है
हो सकता है कि दूसरों के व्यवहार पर 
उनकी सोच उनके कामों पर तुम्हारा कोई भी नियंत्रण नहीं हो
लेकिन अपनी ज़िंदगी की उन बातों पर
तुम नियंत्रण कर सकते हो
जिनके चलते ऐसी परेशानी या समस्या पैदा हुई है
अगर तुम अपने व्यक्तित्व और अपने व्यवहार से जुड़ी उन बातों को बदल लो 
जो तुम्हे कमज़ोर करती हैं और लोग 
जिनका नाजायज़ फायदा उठाने से नहीं चूकते 
तो अपने आप को भविष्य के किसी नुक़सान से बचाया जा सकता है। 
हमारी हर समस्या हर परेशानी के पीछे हमारी ही कुछ कमियां होती हैं 
पहले उनको सुधारना होगा उसके बाद दुनिया अपने आप सुधर जाएगी। 
जो भी हालात हैं जो भी परेशानी, समस्या संकट जो कुछ भी हो  
सबसे पहले उसे अच्छी तरह समझो
उससे जुड़े हर इंसान, हर बात 
हर स्थिति को आंको
क्या उनकी कोई जवाबी काट तुम्हारे पास है, 
अगर नहीं है तो क्या कोई काट हासिल हो सकती है 
ये सोचो क्या किसी की मदद मिल सकती है 
और उसे हासिल करने में जुट जाओ
दुनिया की हर समस्या का हल तुम्हारे पास नहीं होगा 
लेकिन दुनिया की हर समस्या का हल 
किसी न किसी के पास तो ज़रूर होगा ही 
और थोड़ा सा समय बीतने दो
थोड़ा सा मन को शांत कर लो 
अपने भीतर अपने आप से लड़ना बन्द करो 
और आधी जंग इसी से जीती जा सकती है
अपने भीतर मजबूती लाओ 
हिम्मत मत हारो
सोचो समझो और आगे बढ़ो
इस समस्या का अगर समाधान होगा तो 
वो तुम्हें हासिल हो जाएगा
और अगर नहीं होगा 
तो तुम उसका सामना करने और उसके ऊपर उठने के काबिल बन जाओगे। 
मेरी हज़ारों दुआएं हैं तुम्हे!!

@मन्यु आत्रेय


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