body {-webkit-user-select:none; -html-user-select:none; -moz-user-select:none; -ms-user-select:none; user-select:none;}

Wednesday, 17 February 2021

अपने जीवन से जुड़े रिश्ते पहचानिए!!

हमारी ज़िंदगी बहुत से रिश्तों का ताना बाना ही तो है, क्या आप जानते हैं कि किस किस प्रकार के रिश्ते हमारी ज़िंदगी में आते हैं?

धड़कन
कुछ रिश्ते धड़कन जैसे हमसे अभिन्न रूप से जुड़े होते हैं लेकिन हमारा ध्यान उन पर कभी कभार ही जाता है। जब हम शांत होते हैं तो वो शांत होते हैं जब हम अशांत होते हैं तो वे भी अशांत हो जाते हैं। हमें अपने जीवन भर इनकी ज़रूरत होती है। ये लोग हमें सबसे ज़्यादा चाहते हैं, हमसे सबसे ज़्यादा जुड़े होते हैं।

आईना

आईने जैसे रिश्ते बहुत ही ज़्यादा व्यावहारिक होते हैं जो हमारी ही नक़ल करते हैं जितना और जैसे हम करते हैं सिर्फ उतना ही करते हैं हम उनके सामने से हटे तो हमारा नामो निशान उनमें नहीं बचता। हालांकि जब उनके पास जाते हैं वो फिर पहले जैसे व्यवहार करने लगते हैं, लेकिन ऐसा तो वो सभी के साथ करते हैं, हम कोई अलग से खास नहीं होते उनके लिए। 

पहाड़ी
पहाड़ी जैसे रिश्ते वो होते हैं जो मज़बूत होते हैं अडिग रहते हैं अपनी जगह, हम जो जैसी पुकार लगाते हैं वो वैसा ही 3 गुणा हमे लौटाते हैं,लेकिन पहल हमें ही करनी पड़ती है। हमें ही उन तक जाना पड़ता है। हम अच्छे तो वो अच्छे, हम  बुरे तो वो और भी बुरे। 

परछाई
परछाई जैसे रिश्ते सिर्फ तब तक हमारे साथ होते हैं, जब तक उम्मीद और उपलब्धियाँ हमारे साथ सूरज की तरह जुड़ी हुई है, जब तक ये प्रकाश सहन करने योग्य होता है वो हमसे बड़े होकर जुड़ते हैं जैसे जैसे हमारी उपलब्धियाँ छाने लगती हैं वो छोटे होते जाते हैं फिर जैसे हम अंधेरे में जाते हैं वो फिर बड़े होने लगते हैं 

ब्लैक होल
ब्लैक होल जैसे रिश्ते वो कृतघ्न और स्वार्थी रिश्ते होते हैं जिन्हें चाहे जितना भी दो वो पलट कर कभी कुछ नहीं देते। जितना दो उन्हें वो कम ही पड़ता है, जिनसे कुछ प्रत्याशा करना ही फ़िज़ूल होता है। हम उनके जितने करीब जाते हैं वो हमें भी निगलते जाते हैं। 

सीढ़ी
सीढ़ी की तरह वो रिश्ते होते हैं जो अपनी सीमा तक हमें ऊपर जाने में मदद करते हैं लेकिन वही हमें नीचे उतरने का रास्ता भी देते हैं वो सिर्फ उपलब्ध होते हैं हम ऊपर उठ रहे हैं या नीचे जा रहे हैं इससे उनको कोई फर्क नहीं पड़ता, बहुत से दोस्त ऐसे ही तो होते हैं! 

पैराशूट
पैराशूट की तरह वो रिश्ते होते हैं जिन्हें हम आमतौर पर बोझ ही समझते हैं लेकिन हमारी विपदा के समय में उनका हमारे साथ होना हमें हिम्मत देता है, संकट के समय में वही हमारी जान बचाते हैं, एक होशियार आदमी उड़ने से पहले नीचे सुरक्षित उतरने का बंदोबस्त करता है और ऐसे रिश्ते मज़बूत और अच्छे रखता है। 

स्पेस रॉकेट
स्पेस रॉकेट की तरह के रिश्ते वो होते हैं जो हमें आगे बढ़ाने में अपनी पूरी ऊर्जा खर्च कर देते हैं, जैसे माँ बाप, गुरुजन और परिवार जन। हमें अपने मुकाम तक पहुंचाने के रास्ते में खुद कहीं पीछे छूटते जाते हैं चुक जाते हैं और दुनिया हमें देखती है उनको नहीं!!
अपने जीवन  से जुड़े रिश्तों और उनकी भूमिका की अहमियत को पहचानिए!!

@मन्यु आत्रेय

6 comments:

  1. रिश्तों को इससे बेहतर व्याख्या नहीं हो सकती है सर,

    ReplyDelete
  2. भैया बेहतरीन

    ReplyDelete
  3. Apratim 🙏🙏🙏💐💐💐💐

    ReplyDelete
  4. बहुत ही सुंदर वर्णन है सर👌👌🙏🙏💐

    ReplyDelete
  5. Aapka nazariya bahut khoob Hai Manish ji

    ReplyDelete
  6. jaruri tha meri liye aaj ka artical..iske pahle to sabko ek najriye se hi dekhte the hum....
    nice sir ji , thank u..

    ReplyDelete

मैं आज का दिन पूरे बोध में जीऊँगा

मैं आज का दिन पूरे बोध में जीऊँगा   आज मैं एक संकल्प के साथ उठता हूँ— मैं आज का दिन पूरे बोध में जीऊँगा।  कल की स्मृतियाँ और कल की चिंताएँ द...