या तो किसी से उधार लेना पड़ता है या किसी को उधार देना पड़ता है।
कई बार आप नहीं चाहते लेकिन आपको मजबूरी में उधार देना या लेना ही पड़ता है।
एक स्वाभिमानी आदमी उधार लेने से कोसो दूर रहता है।
उधार लेना पहले शर्म की बात थी लेकिन अब उधार लेना आम व्यवहार हो गया है।
उधार देते या लेते दोनों समय आपको बहुत सतर्क रहना चाहिये।
उधार लेते समय इस बात पर एक बार विचार ज़रूर कर लेना कि
ऐसी नौबत क्यों आयी कि मुझे उधार लेना पड़ रहा है?
क्या इस स्थिति को रोका जा सकता था?
आगे मैं अपनी जीवन चर्या में क्या परिवर्तन लाऊॅं कि मुझे उधार न लेना पड़े?
जो रूपये मैं उधार ले रहा हूॅं उसे नियत अवधि में लौटा पाना मेरे लिये संभव है या नहीं?
मेरे वित्तीय प्रबंधन में ऐसी क्या कमियाॅं हैं, ऐसी क्या चूक मेरी है
जिसके कारण मेरे अपने आर्थिक संसाधन पूरे नहीं पड़ रहे हैं?
बहुत ज़्यादा आवश्यकता हो और कोई दूसरा पर्याय उपलब्ध नहीं हो
तब ही उधार लेना चाहिये क्योंकि उधार प्रेम और शांति की घुन है,
जो धीरे धीरे रिश्ते को खाती जाती है।
किसी को उधार देने से पहले भी एक बार गौ़र से सोचना ज़रूरी है।
उधार मांगते समय आदमी एकदम मेमने जैसा निरीह बनता है,
और जब पैसा वापस करने की बारी आती है तो वही बब्बर शेर हो जाता है।
कुछ लोगों से उधार की रक़म वापस निकलवाना
शेर के मुंह से शिकार छीनने से भी कठिन काम होता है।
जिसने उधार मांगा है, उसकी सिर्फ वर्तमान बातों पर मत ध्यान देना,
बल्कि उसकी जीवन शैली, उसकी बुरी आदतों, उसकी फ़िजू़लखर्ची
और शाह मिज़ाजी पर भी ध्यान देना चाहिये।
अगर कुंए में पैसे डालकर भूल जाने का शौक़ हो
तो ही बिना विचारे किसी को पैसे उधार देना।
परंतु इतना याद रखना कि जब भी आप
किसी अपात्र आदमी को उधार देकर अपने पैसों का घाटा सहते हैं
तो आप अपने घरवालों, पत्नी, बच्चों, माता पिता या भाई बहन
किसी न किसी व्यक्ति का हक़ मारते हैं,
आप उस आदमी के साथ नाइंसाफ़ी करते हैं
जिसकी मदद आपको वाक़ई करनी चाहिये थी।
कुछ लोग बेहद मजबूर होने पर भी उधार नहीं मांग पाते, उन्हें ज़रूर मदद करनी चाहिये।
कुछ लोग थोड़ा बहुत सकुचाकर उधार मांग लेते हैं,
उनसे पूछताछ कर उनकी पैसे लौटा पाने की क्षमता के अनुसार ही उधार देना चाहिये।
कुछ लोग आदतन उधार मांगते ही रहते हैं,
ऐसे लोगों को सिर्फ उतना उधार देना चाहिये
जितने की हानि सहने की आपकी क्षमता हो।
कभी कभी अपना बेहद करीबी आदमी थोड़ा थोड़ा करके
बड़ी रकम उधार ले लेता है और फिर हाथ खड़े कर देता है, कभी लौटाता नहीं।
कभी कभी चालबाज लोग पहले छोटे उधार लौटा कर भरोसा जीतते हैं
और फिर बड़ी रकम उधार लेकर हड़प जाते हैं।
जब भी थोड़ी बड़ी रक़म की बात हो तो विधिवत लिखा पढ़ी करके
या फिर उधार लेने वाले पर दबदबा रखने वाले लोगों की साक्षी में ही उसे पैसे देने चाहिये,
लिखा पढ़ी कर लेना और खाते में पैसे भेजना ही ज़्यादा सही है।
जिस पर पहले से बहुत कर्ज़ है उसे उधार देना बेकार है। उधार एक ऐसी दलदल है जो उधार लेने और देने वाले दोनो को डुबो देती है।
जब भी उधार मांगने वाले पर आपको शक हो
उससे उधार की रक़म के उपयोग के बारे में विस्तार से प्रश्न पूछिये
और वापस कब तक एवं कैसे करेगा इस पर भी खुलासा करवाईये,
यदि वह गोल मोल जवाब दे, तो उसे उधार देने से परहेज़ कीजिये।
लोग अक्सर उसी से उधार मांगते हैं जिससे सबसे आसान शिकार समझते हैं।
जिससे पैसा वसूल करने का दम आप में नहीं हो, उसे भूलकर भी कभी उधार मत दो।
जो उधार दे चुके हो तो उधार लेने वाले का आपके प्रति रवैया
किस प्रकार बदल रहा है उसका अध्ययन करते रहो।
उधार के पैसे दबा लेने वाला अक्सर गायब हो जाता है,
फोन करना या काॅल उठाना बंद कर देता है,
देखकर रास्ता बदल लेता है, नए नए बहाने नई नई तारीखों पर बनाता है,
ये संकेत सही नहीं हैं, इसलिये सतर्क हो जाईये।
कई बार उधार हमें धर्म संकट में ला खड़ा करता है,
अंतरात्मा इन्कार करती है परंतु परिस्थितियाॅं और संबंध दबाव डालते हैं,
ऐसे में हमेशा विवेक से काम लेना चाहिये।
जिस पर जितना भरोसा हो, जिसकी जितनी वापस करने की क्षमता हो,
जिसकी जैसी नीयत रही हो उस पर सिर्फ उतनी रक़म का दांव ही खेलना,
क्योंकि जब सामने वाला मुकर जायेगा तो आपकी आत्मा बहुत पीड़ा पायेगी,
जान जल जायेगी, उससे अपना ही नुक़सान है।
जिसे उधार नहीं देना हो उसे टरकाने के बहाने सोच के रखिये।
जिसे सीधे मना करना संभव हो उसे सीधे मना कर दीजिये।
किसी को उधार देने के लिये किसी और से उधार लेना अक़्लमंदी नहीं है।
हर एक व्यक्ति के लिये अपनी सीमाओं की परख कर के रख लीजिये
कि इसके लिये इससे ज्यादा नहीं कर पाऊॅंगा।
व्यावहारिक दृष्टिकोण है अपनाइए, भावुक मत होइए
क्योंकि मेहनत मशक्कत की कमाई किसी उधारबाज़ की ऐयाशियों पर खर्च करने के लिए नहीं होती।
@ मन्यु आत्रेय
Sahi kaha... daan bhi patr ko de kupatra ko nahi..
ReplyDeleteReally nice and truth👌👌👌
ReplyDeleteएक दम सही है सर् जी🙏🙏🙏👌🏼👌🏼👌🏼👌🏼💐💐
ReplyDeleteआज तक का सबसे बड़ा अनुभव
ReplyDelete💯 percent sach sir👍👍👍👍🌷🌷🌷
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