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Wednesday, 31 March 2021

योजनाओं को गुप्त रखिये

हर आदमी अपनी महत्वाकांक्षाओं, इच्छाओं और सपनों को पूरा करना चाहता है 
और इसके लिये वह योजनायें बनाता है।
कुछ लोगों की आदत होती है अपनी योजना के सफल होने से पहले ही 
उसका प्रचार करने लग जाते हैं। 
 यह बात कभी नहीं भूलनी चाहिये कि हमारे सपने, हमारी महत्वाकांक्षा, 
हमारी इच्छायें, हमारी ज़रूरतें और हमारी कोशिशें 
किसी न किसी के लिये बाधा पैदा कर सकती हैं, 
 किसी न किसी की महत्वाकांक्षा, इच्छा, सपने के आड़े आ सकती हैं। 
इसी से प्रतिस्पर्धा का जन्म होता है, परंतु यह प्रतिस्पर्धा कभी भी प्रतिद्वंद्विता बन जाती है।
आपके गुप्त शत्रु पनपने लगते हैं 
जो आपकी योजनाओं में व्यवधान पैदा करने लग जाते हैं। 
आपने कई बार ऐसा महसूस किया होगा 
कि आपकी किसी इच्छा को किसी की नज़र लग गई है। 
आपकी योजनाओं और आपकी गतिविधियों पर कई लोग नज़र जमाये बैठे होते हैं 
जिनके साथ भी आपकी दुश्मनी होती है, जो आपके प्रतिद्वंद्वी होते हैं, 
यहाॅं तक कि कई बार हमारे अपने भी हमारी योजनाओं में बाधा खड़ी कर देते हैं 
क्योंकि उन्हें लगता है कि हम गलत कर रहे हैं 
और हमें ठीक वैसा करना चाहिये जैसा वे चाहते हैं। 
अपनी योजना जितने कम लोगों के साथ साझा करेंगे उतना अच्छा होगा। 
सिर्फ़ उन्हीं लोगों से आप अपनी योजना बताईये 
जो लोग पूरी ईमानदारी से और तटस्थता से आपको 
आपकी योजना की कमिर्याॅ, संभावित खतरे इत्यादि बताकर 
उन्हें दूर करने में मदद कर सकें। 
किसी को भी अपनी योजना एकदम पूरे स्वरूप में नहीं बतानी चाहिये, 
बल्कि छोटे छोटे टुकड़ों में उसे बतानी चाहिये 
ताकि वह एकदम से सारी बात न समझ जाये 
और इस दरमियान उसकी प्रतिक्रियाओं और हाव भाव को अवश्य देखना चाहिये। 
आपकी पीठ पीछे वह आपकी बातों को लेकर दूसरों के सामने 
क्या और कैसी प्रतिक्रिया दे रहा है 
इसकी जानकारी यदि आप ले सकें तो बेहतर होगा 
क्योंकि इससे आपको इस निष्कर्ष पर आने में मदद मिलेगी कि 
इससे अपनी योजना साझा करनी है भी या नहीं। 
एक बात यह ज़रूर है कि किसी भी योजना को पूरा करने के लिये 
कई बार कुछ लोगों की ज़रूरत पड़ती है, उनकी मदद उनकी प्रेरणा 
उनके संसाधनों की आवश्यकता पड़ती है, 
उन्हें इसलिये काफी कुछ बताना भी पड़ता है, 
परंतु प्रयास करें कि किसी भी गलत व्यक्ति को अपनी योजना न बतायें, 
गलत व्यक्ति से न तो मदद लें और न ही किसी प्रेरणा की अपेक्षा करें। 
यह  प्रतिद्वंद्विता से भरा हुआ विश्व है, यहाॅं एक ही चीज़ कईयों का स्वप्न है। 
गला काट प्रतिस्पर्धा के इस दौर में अगर आप अपने सारे पत्ते खोल देंगे 
तो आपको कोई न कोई मैदान से बाहर कर देगा। 
ये भी हो सकता है कि कोई आपकी योजना में सहयोगी बन कर जुड़े
गलत सलाह दे और गलत दिशा में ले जाये, 
आपकी सफलता में सेंध लगा दे। 
ये भी हो सकता है कि आपकी योजना को पूरा होने में जब समय लगेगा 
तो लोग हंसी उड़ाकर आपको नीचा दिखाने से बाज़ नहीं आयेंगे 
इसलिये अपनी योजना को गोपनीय रखें 
और सफल होकर लोगों को भौंचक्का कर दें।

@ मन्यु आत्रेय

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