आपके इर्द गिर्द बहुत से फंदे, शिकंजे और जाल छुपे हुए होते हैं
करीबी लोग भावनात्मक जाल में फांस के मनचाहा करवा लेते हैं
कहीं उलझने पर नियम कानूनों का शिकंजा तैयार रहता है
आपके शत्रुओं द्वारा आपको फंसाने के फंदा बिछाया जाता है
आपके प्रतिद्वंद्वी आपके रास्ते में गड्ढे खोदते हैं
अगर आप सतर्क सावधान हुए तो आप उन्हें पहचान सकते हैं, बच सकते हैं
और होशियार हुए तो फँसकर भी निकल सकते हैं
या सामने वाले को उसी के फंदे में फंसा सकते हैं
फंदे जाल और शिकंजे छुपे हुए होते हैं सीधे तौर पर दिखाई नहीं देते
आदमी सब ठीक तो है सोचकर लापरवाही करता है और फंस जाता है
आप सोचिए कि कौन कौन आपको कैसे कैसे और कहां कहां फंसा सकता है
जिसकी संभावना सबसे अधिक हो उसके लिए सबसे पहले सतर्क हो जाओ
हालांकि कई बार फंदा होता किसी और के लिए है पर फंस कोई और जाता है
फंदे का अर्थ है किसी ने पहले से घात लगा कर रखी है
शिकार की गतिविधियों को अच्छे से जान समझ कर आदतों और सावधानी का अध्ययन कर उसकी कमज़ोरियों के अनुसार फंदा लगाया जाता है
उकसावा, असावधानी और कमज़ोरी आदमी को फंदे में फंसाती हैं।
हमारी बुद्धि पर ताला पड़ जाता है
और हम वो कर बैठते हैं जो नहीं करना था
कुछ लोग आपस में मिल जाते हैं
और आपको अपने फंदे या जाल की ओर ले जाते हैं
ये लोग कभी आपको चुनौती देते हैं कभी डरा देते हैं कभी प्रेरित करते है, कभी साथ देने का नाटक करते हैं
इसे हांका लगाना कहते हैं
अक्सर फंदे में कुछ चारा डाला गया होता है
हम इतना मोहित हो जाते हैं कि चूक कर देते हैं प्रतिरोध नहीं कर पाते,
बहुत ज़्यादा विश्वासु और आशावादी हो जाते हैं
लोग आपसे कुछ पाने के लिए, आपको दबाने या रास्ते से हटाने के लिए आप पर फंदे डालते हैं
आजकल जो एमएमएस बनते हैं वो फंदा ही तो है
या फर्जी निवेश के नाम पर पैसा लूट लिया जाना,
या धोखे से कहीं ले जाकर अपराध का शिकार बना देना,
किसी रिश्ते में फांस कर ब्लैकमेल करना
ये सब फन्दों का ही उदाहरण है।
फंदे छोटे होते हुए भी फांस लेते हैं,
तमाशा बना सकते हैं
फंदा किसी बड़े संकट का प्रवेश द्वार हो सकता है इसलिए बच के रहिए।
फन्दों से बचने का एक ही तरीका है
अपनी स्थिति को हमेशा भांपते रहना,
चौकन्ने होकर लोगों को आंकते रहना,
जितनी हो सके सावधानी रखना,
कोई भी विवरण पता करने में लापरवाही मत करना,
अपने आप को खुली किताब मत बनाना कि कोई भी आपको समझ जाए।
अपने तरीके, रास्ते, अपनी बचाव युक्तियां लगातार बदलते रहनी चाहिए।
@मन्यु आत्रेय
बिल्कुल सहीं बेहतरीन ब्लॉग
ReplyDeleteHa itna kuch jante hue bhi insan fs jata hai . Logo ki chalaki nhi smjh pata . Hme fsane wala hmse 10 huna adhik sochta hai is liy hm uske fande me fs jate hai.
ReplyDelete👌👌💐💐💐
ReplyDeleteSuperb one sir 👌👍👍💐💐sahi kaha aapne.
ReplyDelete👌🙏💐
ReplyDeleteRight sir ji 🙏
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