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Sunday, 7 March 2021

स्त्री शक्ति: वे हैं तो हम हैं !!

विश्व महिला दिवस पर आज अपने जीवन मे 
अब तक शामिल रही महिलाओं को याद करें, उन्हें मिलें
या फ़ोन पर बात करें और जो कुछ भी उन्होंने हमारे लिए किया, 
उसके लिए उन्हें हृदय से आभार व्यक्त करें।
उन्हें बताएं कि हमारे जीवन की कथा में उनका कितना महत्वपूर्ण योगदान है, 
हमारे निर्माण में, संभालने में, हमें संवारने में उनकी कितनी भूमिका है! 
आज उन अवसरों को याद करें जब उन्होंने हमारे लिए कुछ अच्छा किया था
जब हम अपना ध्यान नही रख रहे थे तो वे हमारे लिए फिक्रमंद थीं 
जिन्होंने स्वयं असुविधा और अभाव को झेल लिया 
हमारे लिए सारी व्यवस्थाएं करती रहीं ताकि हमें असुविधा न हो
हमारे लाख खराब व्यवहार के बावजूद उन्होंने कभी 
हमारे लिए अपना स्नेह और सहायता कम नहीं की, 
जब हम अकेले थे हताश थे कमज़ोर पड़ रहे थे
तो उन्होंने हमें उम्मीद बंधाई, हममें नई ताक़त भरी, 
हमारे साथ खड़ी रहीं, और हर विपत्ति का सामना करने में साथ निभाया
जब हम भी खुद को नहीं समझ पा रहे थे, तो उन्होंने हमें समझने की कोशिश की,
हम जब उदास थे तो उन्होंने हमें हंसाया, 
हम जब स्वार्थी हो गए तो उन्होंने हम पर और ज़्यादा कोष लुटाया
हम क्रोधित हुए, डांटा फटकारा, जली कटी बातें कहीं, 
उन्होंने सहा, सहती रहीं, और मुस्कुरा कर माफ करती रहीं 
जब हम दुनिया के संघर्षों से टूट कर थक कर उनके नरम आँचल की छांव में गए
उन्होंने प्रेम और अपनत्व से स्नान कराके हमें तरोताज़ा किया
जिन्होंने कभी अल्पता का रोना नहीं रोया,जो मिला उसमें खुश रहीं,
जिन्होंने हमेशा अधिक से अधिक अर्जित कर पाने के लिए हमें प्रेरणा दी
उन सबके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करें जिन्होंने
हमें सेवा दी,हमारे सम्मान का ध्यान रखा, जिन्होंने बड़े से बड़ा राज अपने सीने में दबाए रखा 
और हमारी इज़्ज़त को उछलने नहीं दिया
जिन्होंने हमारे लिए अपने आत्मसम्मान को दूसरे स्थान पर रखा,
अपनी सुरक्षा को खतरे में डाला, हमारे लिए सच्चे दिल से कोशिशें की,
उन सब महिलाओं को हृदय से माफी मांगें  जिन्हें हमने दोयम समझा
जिन्हें  अपने निर्णय नहीं लेने दिए, जिन पर पाबंदियां लगाई, जिनके हौसलों को तोड़ा,
जिनके हम भरोसे पर खरे नहीं उतरे, वक़्त पर जिनका साथ न दे पाए,
जिनके अनेक कर्ज़ से लदे होकर भी हम कृतघ्न सिद्ध हो गए 
हमारे लिए कण से लेकर ब्रम्हांड तक की सेवा, सहायता, समझ, सद्भाव रखने वाली तमाम 
स्त्री शक्ति को आज हृदय से धन्यवाद करें
आज विश्व महिला दिवस पर एक सच्चे दिल की दुआ उनके लिए भी मांगें क्योंकि 
वे हैं तो हम हैं !!

@मन्यु आत्रेय

4 comments:

  1. श्री मान जी, प्रकृतिक मांँ का स्वरूप है और प्रकृतिक का कई रुप है, वह जड़ है जिसमें पुरुष तो केवल उस माया रुपी धुरी पर विचरण करते हैं।

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  2. सुन्दर 💐🙏

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  3. Bahut khoob likha hai sir 👌👌👌💐💐💐💐

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