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Tuesday, 9 March 2021

सार्थकता अधिकतम उपयोग में है

जो कुछ भी आपके पास है, क्या आप उसका पूरा पूरा उपयोग करते हैं? 
अक्सर हमारी किताबों में से कई किताबें पूरी पढ़ी ही नहीं जाती
कई पेनों में स्याही बाकी छोड़ दी जाती हैं
कई कपड़े और जूते बहुत थोड़े बार पहने जा पाते हैं
साबुन की बट्टी, टूथपेस्ट जैसी चीजें पूरी इस्तेमाल किये बिना फेंक दी जाती है
अक्सर कम कीमत की चीजें हम बिना पूरा इस्तेमाल किये ही छोड़ देते हैं
कीमती चीजें जो नष्ट होती हैं वे भी हमारी इस आदत के कारण बर्बाद हो जाती हैं
कपड़े छोटे हो जाते हैं, खड़ी खड़ी गाड़ी बेकार हो जाती है
बिना पूरे उपयोग के कई चीजें फ़िज़ूल हो जाती हैं
थाली में छोड़ दिये गए पकवान बर्बाद हो जाते हैं
जब आपके पास किसी चीज़ की मात्रा ज्यादा होती है 
तो उसका पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं
चीजें ज़्यादा हों तो हमारा ध्यान सब की ओर नहीं जा पाता 
ज़्यादा चीजें अव्यवस्था भी पैदा करती हैं और खोती भी ज़्यादा हैं
कम मात्रा मितव्ययता से इस्तेमाल का गुण सिखाती हैं,
एक आदमी दो बाल्टी पानी से मंजन करना, नहाना कपड़े धोना सब निपटा लेता है
और दूसरा आदमी इतने में ही आधी टँकी खर्च कर देता है
साधनों और वस्तुओं के प्रयोग का सबसे अच्छा तरीका सीखिए
इससे आपकी उत्पादकता और प्रभाविता बढ़ेगी
एक योद्धा एक ब्लेड को घातक हथियार बना लेता है
वहीं एक नौसिखिया AK 47  की सारी गोलियां एक ही बर्स्ट में बर्बाद कर सकता है
जब भी हमारे पास चीजों के नए और उन्नत संस्करण आ जाते हैं तो 
हमारी पुरानी चीजें हमारे उपयोग में आना बंद हो जाती है 
जो चीजें इस्तेमाल आना बंद हो जाती हैं वो कबाड़ बनती जाती हैं
आप जितना कबाड़ जितना गैर ज़रूरी सामान रखेंगे 
आपके जीवन में अव्यवस्था बढ़ती रहेगी
याद रखिये हर पुरानी चीज़ एंटीक नहीं बनती
उपयोग करने की एक मानसिकता होती है 
एक आदमी जैसा वस्तुओं के साथ करता है वैसा ही कमोबेश रिश्तों के साथ करने लगता है
आपके पास जो है उसका अधिकतम इस्तेमाल कीजिये 
वस्तुएं साधन जुटाने में जो कीमत चुकाई  गई थी 
उसके साथ न्याय तभी होगा जब उस चीज़ का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। 
साधनों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक ही तरीका है 
उनका सही समय पर बेहतर से बेहतर और अधिकतम इस्तेमाल करना। 
जो साधन जो वस्तुएं आपके काम की नही रहीं
जिन्हें आप दूसरों को दे सकते हैं 
उन्हें दूसरों को दे दीजिये इससे आपका बोझा कम होगा
हो सकता है कि जो आपके लिए अनुपयोगी हो
वह किसी और के लिए एक बड़ा सपना हो!! 
अपने साधनों, संसाधनों की तरह अपने शरीर, अपने दिमाग,
अपनी प्रतिभा और अपने व्यक्तित्व का पूरा इस्तेमाल कीजिये
जो कुछ भी आपके पास है उसे सार्थक बनाइये। 

@ मन्यु आत्रेय

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