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Thursday, 1 April 2021

काम उसे दो जो कर सके!

आप अपना हर काम खुद नहीं कर सकते
इसलिये आपको किसी ऐसे को खोजना पड़ता है जो आपका काम कर दे। 
एक दूसरे का काम करने से ही समाज में श्रम विभाजन सफल होता है। 
पर अक्सर ऐसा होता है कि आप भरोसा करके किसी को कोई काम सौंपते हैं 
और वो काम फिर कभी हो ही नहीं पाता। 
असल में कई लोग अपने कामों को भी लापरवाही से करते हैं 
तो फिर दूसरों के कामों को क्यों गंभीरता से करने लगे? 
जो भी व्यक्ति आपको जितना महत्वपूर्ण मानता है, आपकी परवाह करता है, 
आपको प्राथमिकता समझता है वह आपके कामों को भी महत्वपूर्ण मानकर 
प्राथमिकता से और अच्छे से अच्छे तरीके से करने का प्रयास करेगा। 
कई बार यह होता है कि व्यक्ति लोक व्यवहार निभाने के लिये ही सही 
आपका काम करवा देने का भरोसा दिला देता है,परंतु वह उसके प्रति उतना गंभीर नहीं होता। 
आपका गुप्त शत्रु कई बार आपके किसी महत्वपूर्ण काम का दायित्व 
स्वयं ले लेता है या अपने किसी खास को दिलवा देता है 
और काम को किसी ऐसे मोड़ में ले जाकर फंसवा देता है कि 
वह काम हो ही न पाये और आपको नुक़सान पहुंचे। 
आपके संबंध यदि किसी व्यक्ति के साथ खटास से भर गये हैं 
तो इस बात की संभावना हो सकती है कि उसे जो काम आपने दिया हो 
वो भी ठंडे बस्ते में चला जाये, जबकि वही काम यदि वो पूरा कर दे 
तो आप दोनों के बीच की बर्फ पिघल सकती है। 
इस दुनिया में बहुत से लोग सिर्फ दिखावे की ज़िंदगी जीते हैं। 
जिसकी जितनी पहुंच नहीं होती वह उससे कहीं ज़्यादा पहुंच दिखाता है। 
जिसके पास जितने संसाधन नहीं होते वह उससे कहीं ज्यादा हैसियत दर्शाता है, 
जिसकी जितनी साफ नीयत नहीं होती, वह उतना ज़्यादा स्वयं को ईमानदार दर्शाता है 
और लोग उसके झांसे में फंस जाते हैं, 
उसे अपना महत्वपूर्ण काम सौंप बैठते हैं, यहीं उनसे गलती हो जाती है। 
कुशल से कुशल तैराक को भी नदी में उतरने से पहले उसकी गहराई की थाह ले लेनी चाहिये। 
ऐसे ही किसी भी व्यक्ति को कोई बड़ा और महत्वपूर्ण काम सौंपने से पहले 
उसके व्यक्त्वि के बारे में गंभीरता से सोच लीजिये, 
यदि वो लापरवाह, अविश्वसनीय, आलसी या पेट में दांत रखने वाला लगता है 
तो उसे काम देने से परहेज़ कीजिये। 
किसी भी आदमी को एकदम बड़ा और महत्वपूर्ण कार्य सौंपने से पहले 
उससे छोटे छोटे काम करवा के देखना चाहिये कि वह कितनी गंभीरता से 
और अच्छे तरीके़ से वह काम कर रहा है। 
आप अनदेखे पत्तों पर बड़ा दांव खेलकर एक बड़ा जोखि़म मोल ले लेंगे। 
भूलकर भी किसी दुष्ट, दुर्जन और धोखेबाज आदमी को कोई काम नहीं सौंपना चाहिये, 
ये करते एक हैं और प्रचार दस करते हैं। पूरा रायता फैला देते हैं। 
सबसे अहम काम सबसे ज्यादा भरोसेमंद और परखे हुए व्यक्ति को ही दीजिये। 
और यह हमेशा याद रखिये कि काम सौंपते समय 
उसे थोड़ा बहुत अवश्य समझा दीजिये कि काम को कैसे करना है। 
यह भी कभी मत भूलिये कि दूसरे का किया हुआ काम पूरी तरह से 
आपके मन के मुताबिक होगा ही ये ज़रूरी नहीं है, 
हर आदमी अपनी समझ, प्रतिभा, समय और रूचि के अनुसार ही आपका काम करेगा, 
इसे स्वीकार करके चलिये। 
उसे सौंपे गये काम की प्रगति बीच बीच में जांचते रहें, 
यदि कभी भी लगे कि यह काम गलत तरीके से कर रहा है 
तो उसे समझाईये कि इसे ऐसे करना है। 
यदि वह टालमटोल, बहानेबाजी कर रहा है, गड़बड़ी कर रहा है, धोखा दे रहा है 
तो उससे काम वापस ले लीजिये, क्योंकि वह काम पूरा बिगड़ जायेगा, 
आपके समय, श्रम, संसाधन, संबंध सभी का नुक़सान होगा। 
लाख पते की बात तो यह है कि अपने सबसे अहम काम 
कभी किसी दूसरे को मत दीजिये उन्हें स्वयं ही कीजिये। 
आदमी का एक काम बिगड़ जाना कभी कभी पूरे जीवन की दिशा मोड़ सकता है 
इसलिये अपना कोई भी महत्वपूर्ण काम किसी को सौंपते समय 
बहुत गंभीरता से विचार कर लेना चाहिये।
जानकार, निष्ठावान, परखे हुए ईमानदार आदमी को ही काम सौंपना चाहिए। 

 @मन्यु आत्रेय

3 comments:

  1. बिल्कूल सही मराठी में एक कहावत है,"जो दुसर्‍यावर विसंबला त्याचा कार्यभाग बुडाला"हमारे काम के प्रति हमें ही सजग होना चाहिए।

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