जीवन बहुत सी अनिश्चितताओं से भरा हुआ है,
कब कौन कहाँ कैसे मिल जाये पता नहीं,
कब कौन कहाँ कैसे बिछड़ जाए पता नहीं।
मिलना बिछड़ना सारी ज़िन्दगी लगा रहेगा।
लोग जीवन में आते रहेंगे और जीवन से जाते रहेंगे।
आपका व्यक्तित्व और परिस्थितियां तय करेंगी कि कौन आपके जीवन में आएगा
आपकी समझदारी और व्यवहार तय करेगा कि कौन कब तक आपके जीवन में टिकेगा।
हम कुछ लोगों को कभी दूर नहीं होने देना चाहते,
हमेशा उन्हें अपने पास रखना चाहते हैं
और उनके पास रहने का प्रयत्न करते रहते हैं
पर नियति क्रम के अनुसार लोगों को हमसे रुखसत लेनी ही पड़ती है।
कभी रोजी रोटी के लिए, कभी दूसरी परिस्थितियों के चलते लोग हमसे बिछड़ जाते हैं
कभी कभी कुछ ऐसी मजबूरियाँ आ जाती हैं कि उनको हमसे बिछड़ना ही पड़ता है।
हम भले इसे रोकने की कोशिश करते हैं लेकिन हमारा कोई नियंत्रण उस पर नहीं होता।
दो मिनट के लिए आंखें बंद करके उन लोगों को याद कीजिये
जो आपसे बिछड़ गए, जिनका बिछड़ना कहीं न कहीं कसकता है
शायद कुछ अधूरा सा छूट गया था, कोई बात,कोई मुलाकात, कोई अभिव्यक्ति
कुछ बताना रह गया, कुछ मनाना रह गया,
उनके साथ के जितने पल नियति ने दिए थे उन्हें इधर उधर गँवा देने का मलाल बच गया
उनको तकलीफ पहुंचाने की टीस रह गयी,
उनके साथ अच्छी यादें नहीं बना पाने, उन्हें ठीक से समझ नहीं पाने का दर्द रह गया।
ऐसे कुछ दर्द हमेशा के लिए रह जाते हैं।
इसलिए जब तक जो प्रिय लोग आपके जीवन में हैं उनको समय दीजिये।
खास कर उनको जिनके बिछड़ने की संभावना ज्यादा है,
जिनका चला जाना आपको गहरे दर्द से भर देगा
उनसे अबोला छोड़ के बात कर लीजिए
उनके साथ जीवन के एक एक लम्हे को अच्छे से जी लीजिये,
उनके मन का कुछ कीजिये, उन्हें खास महसूस कराइये
उन्हें महसूस कराइये कि आपको उनकी परवाह है
और आप उनको चाहते हैं सम्मान करते हैं
उनके साथ बैठिए, उनसे बातें कीजिये, उनकी ज़िंदगी के किसी न किसी खालीपन को भरिये।
उनके दुखों उनकी वेदनाओं के बदले उनके साथ अपनी खुशियों को साझा कीजिये
उनके भीतर की अशांति,खिन्नता,अप्रसन्नता और मलाल को कम करने में सहायता कीजिये।
जिनसे बिछड़कर आपको बहुत दुख होगा, उनसे बिछड़ने की स्थितियों को पैदा न होने दीजिए।
फिर भी अगर बिछड़ना नसीब में लिखा ही हो तो एक दूसरे के साथ संबंधों को
इस तरह से निभा चुके हों कि एक दूसरे के दिल मे एक मीठी याद बनें न कि मलाल।
दूर जाने का मतलब हमेशा अलग हो जाना नहीं होता
दूर रहकर भी संबंधों को बनाये रखा जा सकता है निभाया जा सकता है।
यक़ीन मानिए, आपके जीवन मे आने और जाने वाले लोगों से ही
आपका जीवन समृद्ध होता है, पूरा होता है,
आपकी जीवन गाथा में उनका आना और जाना दोनो ही अपरिहार्य होते हैं।
इसलिए किसी को बांधिए मत, पर जोड़े रखिये।
साथ हों तब भी, बिछड़ना पड़ जाए तो भी।
और जिसके जितनी जल्दी बिछड़ने की संभावना हो उसे उतना ज्यादा समय देकर देखिए
आपको बाद में एक बेहद गहरी तसल्ली मिलेगी कि कम से कम आप उनके साथ जी पाए, उन्हें वक़्त दे पाए।
@ मन्यु आत्रेय
to much fillings has in this writting ..
ReplyDelete👌🙏💐
ReplyDelete🙏🌹🌺🌷🌺🌹🙏
ReplyDeleteव्यक्ति खुदगर्ज हो कर relarions को निभाता है । इसीलिए कभी कभी सामने वाले कि बेहतरी के लिए भी वो उसे अलग नही होने देता है ।
ReplyDeleteबहुत शुद्ध और सही सलाह सर...दिल को छू लेने वाले exact lines
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