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Friday, 9 April 2021

ऊर्जा के जोंक लोगों से बचिए।

हमें जीवन में बहुत से लोग महत्वपूर्ण स्थान बनाते हैं और फिर 
हमारे जीवन में परेशानियाॅं पैदा कर देते हैं। कुछ लोग सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं, 
अपने सुख, अपनी सुविधा, अपने लाभ, अपने सम्मान, अपनी सुरक्षा 
सिर्फ यही उनकी प्राथमिकता में होता है। 
सिर्फ यही नहीं वे अपने आप को दूसरों से श्रेष्ठ भी मानते हैं, 
भले ही वे अपने शब्दों से ये कहें न कहें लेकिन 
अपने हाव भाव, अपनी देह भाषा से यह झलका ही देते हैं 
कि वे स्वयं को दूसरों से बेहतर समझते हैं। 
ऐसे लोग कभी भी नुक़सान पहुंचा सकते हैं 
और कभी भी मुश्किल में फंसा सकते हैं कभी भी अपमान कर सकते हैं। 
ऐसे लोगों से दूरी भली। 
कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने आसपास के हर व्यक्ति, 
हर बात हर घटना पर नियंत्रण करना चाहते हैं। 
वे चाहते हैं कि जो कुछ भी हो या नहीं हो 
वह सिर्फ और सिर्फ उनकी मर्जी से ही होना चाहिये। 
वे आपके जीवन में घटने वाली हर बात पर नियंत्रण करना चाहते हैं, 
चाहे आपको पसंद हो या नहीं हो, आपके हित में हो या नहीं हो, 
उन्हें सिर्फ आप पर नियंत्रण चाहिये, 
और जो वे करेंगे वे हमेशा ही सही होता है, ये उनकी धारणा होती है। 
ऐसे लोगों से दूरी भली। 
कुछ लोग बड़े ही नाटकीय होते हैं, वे आपके जीवन में 
ऐसी परिस्थितियाॅं पैदा कर देते हैं कि आप फंस जाते हैं, 
आपके भीतर अपराध बोध भर देते हैं, 
त्याग करने, छोड़ देने, उनकी बात मानने के लिये 
आप भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल कर दिये जाते हैं। 
वे ऐसा नाटक खड़ा कर देते हैं जिसमें आप और कई बार दूसरे भी 
आप को ही गलत मानने लग जाते हैं, 
ऐसे नाटकबाज़ लोगों से बचना ही भला। 
आपके जीवन में ऐसे लोग भी जुड़े होंगे जो आपकी सारी उर्जा को निचोड़ लेते हैं, 
आपके भीतर नकारात्मकता भरते हैं, आपको भटकाते हैं, आपको डराते हैं, 
आपकी हर बात में आलोचना करते हैं, आपके स्वाभिमान को चोट पहुंचाते हैं, 
जिन्हें देखते ही आपका मन खट्टा हो जाता है 
और कोई अपशकुन का भाव आपके भीतर आने लग जाता है। 
ऐसे लोगों से जितना दूर रहा जाये उतना अच्छा। 
आप उन लोगों को अवश्य जानते होंगे जो झूठ बहुत बोलते हैं, 
झूठ बोलने से जरा भी नहीं हिचकते, 
जो लगातार तथ्यों, बातों से खिलवाड़ करते रहते हैं, 
किसी भी प्रकार से आपको आत्मग्लानि से भर देते हैं और आपका तमाशा बना देते हैं। 
ऐसे लोगों को भी आप ज़रूर पहचान लीजिये 
जो कभी भी किसी दूसरे की खुशी में खुश नहीं होते, 
किसी की उपलब्धि पर खुश नहीं होते, किसी के सौभाग्य से जलते कुढ़ते हैं 
और हमेशा अपने दुर्भाग्य, अपनी तकलीफों, अपने संकटों का ही ब्योरा देते रहते हैं,
जो दूसरों को अपने बारे में अच्छा महसूस नहीं करने देना चाहते 
जो विक्टिम कार्ड खेलते हैं 
और लोगों की सहानुभूति, उनका ध्यान, उनकी सेवा, 
उनकी मदद हासिल करना अपना अधिकार बना लेते हैं। 
ऐसे लोग आपकी मानसिक शांति, आपके सम्मान, 
आपके सपनों, आपकी प्रगति के लिये बाधा हैं 
इनका ज़हर अपने दिलो दिमाग़ पर कभी फैलने नहीं देना चाहिये। 
ये चाहे जिस रिश्ते में हों, वह रिश्ता बहुत जल्दी मुरझा जाता है। 
शांति से ऐसे लोगों को पहचानिये, 
उनसे धीरे धीरे दूरी बढ़ाते चलिये। 
अगर दूर होना संभव नहीं है तो कम से कम इतना ज़रूर कीजिये कि 
वे आप के मन और जीवन पर अपना प्रभाव नहीं छोड़ पायें।

@मन्यु आत्रेय

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