आज के दिन
मुझे अपने नियंत्रण के दायरे को समझना है
मुझे अगर परेशान होने से बचना है
तो मुझे समझना होगा कि मेरा नियंत्रण किस पर है किस पर नहीं है
वो कौनसी ऐसी बात है
जिस बारे में अपनी क्षमता बढ़ा के
मैं नियंत्रण हासिल कर सकता हूँ
और किस बात पर मेरा नियंत्रण नहीं होगा
मैं अपने सोचने,अपने क्रियाकलाप पर,
अपनी आदतों और कमजोरियों पर
परिस्थितियों के प्रति अपने नज़रिए पर
नियंत्रण हासिल कर सकता हूँ
मैं अपनी चूक, ग़लती, अपनी खामी पर
नियंत्रण कर सकता हूँ
परंतु जो कुछ जीवन मे घटित हो गया है
उस पर मेरा नियंत्रण नहीं है
दूसरे लोग क्या सोचते हैं क्या करते हैं
दूसरों की गलतियों, उनकी चूक,
उनके जीवन पर मेरा नियंत्रण नहीं है,
मेरा नियंत्रण सबसे अधिक मुझ पर ही है
इसलिए किसी और को बदलने में
अपनी ताकत खर्च करने की बजाए
मैं अपने आप को सुधारने और उबारने में
अपने नियंत्रण का दायरा बढ़ाने में
अपनी ताकत लगाऊंगा
दूसरों को नियंत्रित करने की बजाए
मैं उन परिस्थितियो को अपने नियंत्रण में करूंगा जिनके कारण मेरे नियंत्रण का दायरा सिमटता है
शांति से जीने के लिए नियंत्रण के दायरे का
मज़बूत और ठोस होना आवश्यक है
जो जितना ज्यादा दूसरों के नियंत्रण में होता है वो उतना ज्यादा कमज़ोर होता है
मुझे अपने नियंत्रण के दायरे को समझना है।
@ मन्यु आत्रेय
Absolutely right sir💐💐💐💐👍👍👍
ReplyDeleteWaah
ReplyDeleteSahi Likha mitr
ReplyDeleteBahut badiya
ReplyDelete