नव कल्प
कि किसी को भी दुखी विदा न करूँ
विदाई अपने आप में दुख का कारण हो सकती है
विदा और जुदा होने की परिस्थितियाँ
दुख का कारण हो सकती हैं
उसे अगर विदा होते समय दुख हो
तो सिर्फ मुझसे जुदा होने का दुख हो,
मुझसे दूर जाने का दुख हो,
उसे मेरे कारण दुख नहीं होना चाहिए
जिससे विदा होने के बाद मेरे दिल को कुछ चुभे
उसका दिल कहीं न कहीं मैंने दुखाया होगा
मैं भरसक कोशिश करूंगा कि जो मुझसे विदा ले
उसके मन में असीम शांति रहे, और मेरे भी।
मेरे अस्तित्व की अच्छी याद और अनुभव उसके पास रहे
दिल दिमाग पर कोई बोझ कोई मलाल न रहे, न उसके-न मेरे
वो विदा हो जाने के बाद जब कभी याद करे
तो एक सुखद अहसास उसे हो,
विदाई ज़िन्दगी का एक अनिवार्य हिस्सा है
लोग मिलते हैं और बिछड़ जाते हैं
कई बार बिछड़ना, नए सिरे से मिलने का कारण बन जाता है
जिसे मैं खुश और शांत विदा करूँगा
उसमें मुझसे मिलने की पुलक होगी
जो मुझसे दुखी होकर विदा होगा वो दोबारा अपने साथ
बहुत सारी नकारात्मकता लेकर आएगा
मुझे अपने दुश्मनों को भी दुखी करके विदा नहीं करना
क्योंकि उनका वह दुख उनके दिल में बैर की तरह उबलता रहेगा
और वो फिर पलट कर मेरी ज़िंदगी मे आना चाहेगा जो मैं कभी नहीं चाहूंगा
इसीलिए मेरे दुश्मन भी शांत मन से विदा हों
कुछ लोग बार बार ज़िन्दगी में आते हैं
कुछ लोगों को कई बार विदा करना पड़ता है
जिसे किसी कारण से मुझसे दुखी होकर विदा होना पड़ा
वो जब पलट के मेरी ज़िंदगी में आये तो मैं
ये पूरी कोशिश करूंगा कि इस बार
उसकी सारी खलिश मिट जाए दुखे मन पर मरहम लगाऊं
और अब की बार खुशी खुशी विदा करूँ
मैं लोगों को ऐसे विदा करना चाहता हूँ
कि वक़्त ने कभी दोबारा मिलाया तो वो
मिलते ही ज़ोर से गले लगा ले मुझे !
और मुझे ये कभी नहीं भूलना है
कि हर विदाई का मतलब जुदा होना नहीं होता!!
@मन्यु आत्रेय
Very beautifully written sir💐💐💐💐💐
ReplyDeleteit has very deep filling। beautyful
ReplyDeleteFilled with emotions👌💐
ReplyDeleteThank you so much for sharing such useful thoughts sir🙏👌👍💐
ReplyDeleteThat's d beautiful way of parting off...
ReplyDelete👌👌👍
ReplyDeleteबेहतरीन सोच अद्भुत 🙏🏻
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